कोरोना का खौफ-स्टेशनों पर जुटी प्रवासी मजदूरों की भीड़, क्या बंद होंगी ट्रेनें? जानिए क्या बोला रेलव

2021-04-09T16:24:49.363

नेशनल डेस्क: देश में एक बार फिर से साल 2020 वाला नजारा देखने को मिल रहा है। प्रवासी मजदूर सिर पर गठरी धरे स्टेशनों की तरफ जाते नजर आ रहे हैं। दरअसल कोरोना के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए देश के कई राज्यों ने सख्त पाबंदियां लगा दी हैं। इसी के साथ ही एक बार फिर से देश में लॉकडाउन की वापसी होती दिख रही है। कई राज्य सरकारों द्वारा लगाई गई पाबंदियों के बीच प्रवासी मजदूर अपने गांवों को वापिस लौट रहे हैं। दरअसल प्रवासी मजदूरों को डर है कि अगर अचानक देश में लॉकडाउन की घोषणा हो गई तो वे फिर से फंस जाएंगे। मजदूरों का कहना कि अगर लॉकडाउन लग गया तो ट्रेनों के पहिए फिर से रूक जाएंगे और वे अपने घरों को फिर से पैदल लौटने को न मजबूर हों इसिलए अभी से अपने गांव लौट रहे हैं। 

 

ट्रेनें बंद होने पर रेलवे का जवाब
रेलवे ने कहा कि उसकी रेल सेवाओं को रोकने या ट्रेनें कम करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है और साथ ही उसने यात्रियों को जरूरत पड़ने पर अधिक ट्रेनें चलाए जाने का आश्वासन दिया। रेलवे की ओर से यह बयान ऐसे समय में जारी किया गया है, जब कई स्थानों से प्रवासी मजदूरों के घर लौटने की खबरें आ रहीं हैं। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने यात्रियों को आश्वासन दिया कि ट्रेनों की कोई कमी नहीं होगी और रेलवे ट्रेनों की मांग बढ़ते ही अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था करेगा। सुनीत ने कहा कि रेल सेवाओं को रोकने या ट्रेनें कम करने की कोई योजना नहीं है। जितनी जरूरत होगी, हम उतनी ट्रेनें चलाएंगे। परेशानी की कोई बात नहीं है। गर्मियों में यात्रियों की संख्या सामान्य है और भीड़ कम करने के लिए हमने पहले ही अतिरिक्त ट्रेनों की घोषणा कर दी है।''

 

कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर ट्रेनों में यात्रा करने वाले लोगों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। मीडिया से बात करते हुए कई लोगों ने कहा कि लॉकडाउन के डर के कारण वे अपने गृह निवास लौट रहे हैं। शर्मा ने कहा कि जो लोग यात्रा करना चाहते हैं, उनके लिए ट्रेनों की कोई कमी नहीं है, मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मांग के अनुसार ट्रेनें चलाईं जाएंगी।रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने यात्रियों से कोरोना वायरस से संक्रमित न होने की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट मांगने की बात भी खारिज कर दी। साथ ही उन्होंने कहा कि वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर ट्रेनों की आवाजाही रोकने या उसे कम करने के लिए अभी तक महाराष्ट्र से कोई आधिकारिक परिपत्र नहीं मिला है।


Content Writer

Seema Sharma

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