चीन को उसी की भाषा में मिलेगा जवाब, भारत-वियतनाम ने बनाई रणनीति

2020-11-27T22:24:49.273

नई दिल्लीः भारत और वियतनाम ने अपने रणनीतिक सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने के लिए शुक्रवार को वार्ता की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वियतनाम के उनके समकक्ष जनरल एनगो जुआन लिच ने दोनों देशों के द्विपक्षीय सैन्य संबंधों पर विस्तृत चर्चा की। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई वार्ता के बाद रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों ने एक समझौते पर दस्तखत किए। इससे दोनों देशों के बीच जल सर्वेक्षण क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा। समझौते के तहत दोनों देश जल सर्वेक्षण संबंधित आंकड़े साझा करने के साथ नौपरिवहन चार्ट के निर्माण पर भी काम करेंगे। 

मंत्रालय ने कहा, ‘‘वियतनाम के रक्षा मंत्री ने भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने वियतनाम की सेना के साथ मानव संसाधन विकास में उल्लेखनीय काम किया है। सिंह ने कहा कि भारत, वियतनाम की तीनों सेनाओं को भारतीय रक्षा संस्थानों के जरिए बेहतर प्रशिक्षण देने को लेकर भी इच्छुक है।'' 

रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के दृष्टिकोण की चर्चा करते हुए कहा कि रक्षा औद्योगिक क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत आत्मनिर्भर बनकर, अपने दोस्त वियतनाम को भी रक्षा क्षेत्र में मजबूत कर सकेगा।

उन्होंने भारत और वियतनाम के बीच रक्षा क्षेत्र में संबंधों को और मजबूत करने का भी आह्वान किया। इसके लिए भविष्य में भारत और वियतनाम मिलकर संस्थागत फ्रेमवर्क समझौता भी करेंगे। वियतनाम आसियान (दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों का संगठन) का महत्वपूर्ण देश है। दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ उसका क्षेत्रीय विवाद चल रहा है। भारत दक्षिण चीन सागर में वियतनाम के जल क्षेत्र में तेल निकालने की परियोजनाओं में सहयोग दे रहा है। 


Pardeep

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