मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों से किया सीधा संवाद
punjabkesari.in Saturday, Feb 11, 2023 - 08:08 PM (IST)
चंडीगढ़, 11 फरवरी - (अर्चना सेठी) हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भारत सरकार के महत्वाकांक्षी एम.एस.ई. क्लस्टर विकास कार्यक्रम की तर्ज पर हरियाणा सरकार ने राज्य मिनी क्लस्टर विकास कार्यक्रम तैयार किया है। इस कार्यक्रम के तहत सामान्य सुविधा केंद्र की स्थापना के लिए 90 प्रतिशत अनुदान सहायता प्रदान की जाती है। इस समय प्रदेश में 43 मिनी क्लस्टरों की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है, जिनमें से 25 क्लस्टर शुरू हो चुके हैं। इस योजना की भारत सरकार द्वारा भी सराहना की गई।
संवाद कार्यक्रम की श्रृंखला में आज मुख्यमंत्री ने ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों से सीधा संवाद किया। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के लिए उद्यमियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे उद्योग बड़े उद्योगों की नर्सरी का काम करते हैं। छोटे उद्योग देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आधार बनते हैं और आज के समय में एमएसएमई आत्मनिर्भर भारत में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बड़े उद्योगों के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को महत्व दे रही है। इनमें कम पूंजी की जरूरत पड़ती है और अधिक लोगों को रोजगार मिलता है।
संवाद कार्यक्रम के दौरान पंचायती राज संस्थाओं के छोटे कॉन्ट्रैक्टरों ने मुख्यमंत्री से बातचीत की। कॉन्ट्रैक्टरों ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा पंचायती राज संस्थाओं में शुरू किए गए नया कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम सराहनीय है। कॉन्ट्रैक्टरों ने कहा कि इस नई प्रणाली से कार्यों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आई है और डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में प्रोजेक्ट्स का त्वरित रख रखाव सुनिश्चित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में विकास कार्यों में छोटे कॉन्ट्रैक्टर महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि छोटे कॉन्ट्रैक्टर स्थानीय होते हैं। इससे कार्यों के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी और प्रोजेक्ट्स के रख रखाव का कार्य भी सुव्यवस्थित तरीके से संभव हो सकेगा।
संवाद के दौरान जीएसटी देने वाले छोटे उद्यामियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि देश में एक देश- एक कर की अवधारणा पर लागू जीएसटी प्रणाली बेहद कारगर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जीएसटी प्रणाली के लागू होने से उद्यामियों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। उद्यमी बिना रोक टोक के देश में कहीं भी अपना माल बेच सकते हैं। इससे उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी हो रही है। उद्यमियों ने जीएसटी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए भी सरकार का धन्यवाद किया। जीएसटी की प्रक्रिया सरल होने से न केवल उद्यमियों को फायदा पहुंचा है, बल्कि सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी हो रही है।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों की सराहना करते हुए कहा कि आज देश के कुल जीएसटी संग्रह में हरियाणा का हिस्सा 6 प्रतिशत है। यह उपलब्धि एमएसएमई के सहयोग से ही प्राप्त हुई है। क्योंकि जीएसटी में 30 प्रतिशत हिस्सा एमएसएमई का है। इस नाते से एमएसएमई राष्ट्र निर्माण में बड़ा योगदान कर रही हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हरियाणा कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति, 2018 बनाई है। इस नीति का उद्देश्य फार्म स्तर पर मजबूत बुनियादी ढांचे का विकास करना और राज्य में तकनीकी रूप से उन्नत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना करना है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा एंटरप्राइजेज एंड एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी (एचईईपी) 2020 के तहत हरियाणा ग्रामीण उद्योग विकास योजना और रोजगार सृजन सब्सिडी योजना जैसी मौजूदा योजनाएं पहले से ही ग्रामीण क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यमों को पूंजीगत सहायता, किफायती ऋण प्रदान करने के साथ-साथ हरियाणा से संबंधित कुशल व अर्ध-कुशल एवं अकुशल श्रेणी के व्यक्तियों के लिए उनकी क्षमता निर्माण के लिए तथा रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद कर रही हैं।
