4 हफ्ते दिल्ली में नहीं रह सकते, कोर्ट के इस फैसले को चंद्रशेखर ने दी चुनौती

2020-01-17T23:47:13.453

नई दिल्लीः भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अपनी जमानत की शर्तों में बदलाव करने को लेकर शुक्रवार को दिल्ली की अदालत का रुख किया। आजाद के ऊपर यहां 20 दिसंबर को जामा मस्जिद के पास सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन में लोगों को भड़काने का आरोप है।

अदालत ने आजाद के दिल्ली में आने पर चार हफ्तों की पाबंदी लगा दी थी और राष्ट्रीय राजधानी में चुनाव होने तक उन्हें धरना प्रदर्शन न करने का आदेश देते हुए कहा था ‘‘देश को अराजकता की ओर नहीं ले जाया जा सकता।'' वकील महमूद प्राचा और ओपी भारती द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया है कि आजाद अपराधी नहीं हैं और दावा किया गया कि ये शर्तें गलत एवं अलोकतांत्रिक हैं। अदालत इसपर शनिवार को सुनवाई करेगी।

इससे पहले दिल्ली की ही एक अन्य अदालत ने कहा था कि सहारनपुर जाने से पहले अगर आजाद जामा मस्जिद सहित दिल्ली में कहीं जाना चाहते हैं तो पुलिस उनके साथ होगी। न्यायाधीश ने कहा था कि विशेष परिस्थितियों के लिए विशेष शर्तें होती हैं। फैसला सुनाने के वक्त आजाद के वकील ने कहा था कि भीम आर्मी के प्रमुख के जान को उत्तर प्रदेश में खतरा है।

उल्लेखनीय है कि आजाद के संगठन ने पुलिस की अनुमति के बिना संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ 20 दिसंबर को जामा मस्जिद से जंतर मंतर तक मार्च निकालने का आह्वान किया था। इस मामले में गिरफ्तार अन्य 15 लोगों को अदालत ने नौ जनवरी को जमानत दे दी थी।

 


Yaspal

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