ऑफ द रिकॉर्डः BSNL- MTNL के विलय को PMO ने किया वीटो, दिया बड़ा तोहफा

9/22/2019 5:21:14 AM

नेशनल डेस्कः सार्वजनिक क्षेत्र की 2 रुग्न टैलीकॉम कंपनियों बी.एस.एन.एल. और एम.टी.एन.एल. का विलय करने के लिए लगभग 5 वर्षों तक संघर्ष करने के बाद अंतत: प्रधानमंत्री कार्यालय (पी.एम.ओ.) ने इस प्रस्ताव को छोड़ दिया।
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घाटे में चल रही, नकदी की तंगी का सामना कर रही और ऋणग्रस्त इन 2 कंपनियों को अब पहले पुनर्जीवित किया जाएगा और तब विनिवेश की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुनर्जीवित करने की योजना के पहले हिस्से में दोनों रुग्नकंपनियों को 4जी स्पैक्ट्रम के रूप में 20,000 करोड़ रुपए का बड़ा तोहफा दिया जाएगा। दुखदायी बात यह है कि सरकार ने नीलामी का रास्ता अपनाने के बिना इन 2 रुग्न टैलीकॉम कंपनियों को 4जी स्पैक्ट्रम देने का फैसला करने में 5 साल लगा दिए हैं। 
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सरकार इन कंपनियों को 4जी स्पैक्ट्रम अलॉट करने के लिए अब अपनी कार्यकारी शक्तियों का इस्तेमाल करेगी और इसके लिए फीस भी देगी। इसमें विलम्ब का मुख्य कारण 2012 में एक नौकरशाह द्वारा उठाए गए पेचीदा प्रश्न को बताया जाता है कि क्या बी.एस.एन.एल. और एम.टी.एन.एल. को नीलामी के रास्ते को अपनाए बिना 4जी स्पैक्ट्रम दिया जा सकता है। अब कानून विभाग द्वारा यह बताया गया कि 2012 में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था कि नीलामी का रास्ता केवल प्राकृतिक संसाधन प्राइवेट कंपनियों को देने के मामले में लागू किया जाता है। टैलीकॉम आयोग ने भी इसमें टांग अड़ा दी और यह फैसला लेने को कोई भी इच्छुक नहीं था। जब मोदी सरकार 2014 में सत्ता में आई तो उसने भी इस प्रस्ताव को अपनाया और 5 वर्ष तक इसमें विलम्ब किया। 
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अब पी.एम.ओ. ने इन दोनों कंपनियों में पूंजी लगाने को मंजूरी दी ताकि 4जी स्पैक्ट्रम इनको दिया जाए और साथ ही स्वयं सेवानिवृत्ति योजना और भूमि का मुद्रीकरण किया जाए। साथ में ऑप्टीकल फाइबर केबल कारोबार और टॉवर भी शामिल किए जाएं। समझा जाता है कि सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने डी.ओ.टी. प्रस्ताव को हरी झंडी देते हुए कहा है कि वह एक कार्यकारी आदेश के जरिए रुग्न सरकारी टैलीकॉम फर्मों को 4जी स्पैक्ट्रम अलाट कर दें।
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इन कंपनियों को पुनर्जीवित करने की योजना में मंजूरी दी गई है कि 4जी स्पैक्ट्रम और वी.आर.एस. कार्यक्रम को लागू करने के लिए बी.एस.एन.एल. को 14,155 करोड़ रुपए की पूंजी दी जाए। शेष फंड एम.टी.एन.एल. को दिया जाएगा। पी.एम.ओ. ने बी.एस.एन.एल. के 23,000 करोड़ रुपए के ऋण को स्थानांतरित करने के लिए स्पैशल पर्पज व्हीकल (एस.पी.वी.) के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। पी.एम.ओ. ने इसके साथ ही दोनों कंपनियों के विलय प्रस्ताव को भी रद्द कर दिया।


Pardeep

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