कोटा में नौका पलटी, कम से कम 11 लोगों की मौत, 30 से अधिक लोग थे सवार

2020-09-16T22:18:57.85

कोटाः राजस्थान के बूंदी जिला स्थित एक मंदिर तक 30 से अधिक श्रद्धालुओं को ले जा रही एक नौका के बुधवार सुबह यहां पलट जाने से महिलाओं एवं बच्चों समेत कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि तीन लोग अब भी लापता हैं, जबकि 20 श्रद्धालुओं को बचा लिया गया है। कोटा के खटोली-इटावा इलाके के रहने वाले ये लोग बूंदी के इंदरगढ़ स्थित कमलेश्वर मंदिर जा रहे थे। यह हादसा कोटा जिला मुख्यालय से करीब 110 किलोमीटर दूर खटोली पुलिस थाने के तहत गोत्रा गांव के निकट सुबह करीब पौने नौ बजे हुआ। 
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एक अधिकारी ने बताया कि जहां नौका पलटी, वहां नदी की गहराई 40 से 45 फुट थी। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी उज्ज्वल राठौर ने कहा, ‘‘खटोली में हुए हादसे में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की तलाश की जा रही है।'' उन्होंने बताया कि 20 लोग बचा लिए गए हैं। 
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उन्होंने बताया कि स्थानीय नागरिकों के अनुसार, हादसे के समय नौका में 35 से 40 लोग और 14 से 15 मोटरसाइकिल थीं। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रथमदृष्ट्या प्रतीत होता है कि नौका कमजोर होने के कारण यह हादसा हुआ। इलाके के डीएसपी शुभकरण ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव उनके परिजन को सौंप दिए गए और उन्होंने नाविक एवं मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर शोक जताया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर मोदी के हवाले से कहा, ‘‘राजस्थान के कोटा में नाव पलटने की घटना से क्षुब्ध हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजन को खो दिया।'' राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस हादसे को ‘‘दु:खदायी एवं दुर्भाग्यपूर्ण'' बताया। उन्होंने ट्वीट करके शोकसंतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री ने हर मृतक के परिजन को एक-एक लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की। लोकसभा अध्यक्ष एवं कोटा-बूंदी क्षेत्र से सांसद ओम बिरला ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया। स्थानीय कांग्रेस विधायक रामनारायण मीणा ने हादसे पर शोक जताते हुए राहत राशि बढ़ाए जाने की मांग की। 


Pardeep

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