आर्मी कर सकती है 27 हजार सैनिकों की कटौती, बचेंगे 1600 करोड़

8/13/2019 4:11:20 PM

नई दिल्लीः सेना अपनी नॉन कोर यूनिट से करीब 27 हजार सैनिकों को हटाने की योजना है। इससे सेना को सीधे तौर पर 1600 करोड़ रुपये की बचत होगी। हालांकि ये सेना की नियमित क्षेत्र निर्माण और इकाइयों का हिस्सा नहीं है। फिलहाल सेना में 12.5 लाख सैनिक है जिनके वेतन और अन्य बुनियादी खर्च पर सेना फिलहाल भारी भरकम रकम खर्च करती है। इससे सेना के आधुनिकरण के लिए पर्याप्त धन नहीं मिल पाता।

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एक रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा समय में 1 लाख 75 हजार सैनिक नियमित सेना का हिस्सा नहीं हैं। ये सैनिक फिलहाल मिल्ट्री इंजिनियरिंग सर्विस, नेशनल कैडेट कॉर्प, बॉर्डर रोड़ ऑर्गेनाइजेशन, टैरिटोरियल आर्मी और सैनिक स्कूलों में सेवा दे रहे हैं। इसके अलावा सैन्य तौर पर अहम असम राइफल्स, राष्ट्रीय राइफल्स और स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड में तैनात हैं।

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सेना ने गृह मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव
इस संबंध में सेना ने गृह मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेज दिया है। नॉन कोर यूनिट प्रतिष्ठानों को कंपोजिशन टेबल-2  भी कहा जाता है। सैनिकों की संख्या को कम करने का मकसद सेना को त्वरित ऑपरेशन के लिए तैयार करना और आधुनिक बनाना है।
 

अगले सात सालों में डेढ लाख सैनिक हटाए जाएंगे
अगले सात वर्षों में तय बद्ध तरीके से करीब डेढ लाख सैनिकों की संख्या में कमी लाई जाएगी। इससे प्रतिवर्ष करीब 6-7 हजार करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है। जिसका उपयोग सेना के आधुनिकरण पर खर्च होगा।

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Author

Ravi Pratap Singh