संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले होगी सर्वदलीय बैठक, पीएम मोदी भी हो सकते हैं शामिल

punjabkesari.in Monday, Nov 22, 2021 - 07:05 PM (IST)

नेशनल डेस्कः संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। इससे एक दिन पहले 28 नवंबर यानी शनिवार को सर्वदलीय बैठक होगी। खबरों के मुताबिक, “यह बैठक रविवार सुबह 11 बजे होगी। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं। इस बैठक में शीतकालीन सत्र के दौरान संसद को ठीक प्रकार से चलाने के लिए विपक्षी दलों के साथ चर्चा हो सकती है। फिलहाल अभी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस बात की पुष्टि नहीं की गई है कि पीएम मोदी सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगे या फिर नहीं।

शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरू होकर 23 दिसबंर तक चलेगा। लोकसभा सचिवालय के एक आधिकारिक विज्ञप्ति में जानकारी दी गई है कि सत्रहवीं लोकसभा का सातवां संसद सत्र सोमवार 29 नवंबर से शुरू होगा और इसके समाप्त होने की संभावना 23 दिसंबर तक है।

विपक्ष कर रहा मोदी सरकार को घेरने की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करने के बाद विपक्ष अभी सरकार को छोड़ने के मूड़ में नहीं है। शीतकालीन सत्र में एक बार फिर पैगासस जासूसी का मामला, राफेल घोटाला, महंगाई और कोरोना वैक्सीनेशन जैसे कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। वहीं, किसानों ने भी 29 नवंबर को टैक्टर मार्च निकालने का ऐलान किया है। किसानों ने सरकार के सामने कानून वापसी के ऐलान के बाद 6 सूत्रीय मांगों को सामने रख दिया है। इससे सरकार की परेशानी और बढ़ सकती है।

राहुल गांधी ने लिखा किसानों को खुला पत्र
उधर, कृषि कानूनों की वापसी के बाद अब विपक्षी दल और किसान एमएसपी के मुद्दे पर सरकार से सवाल कर रहे हैं। कृषि कानूनों की वापसी के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसानों को खुला पत्र लिखकर कहा था कि किसान भाइयों अभी संघर्ष खत्म नहीं हुआ है, एमएसपी का मुद्दा अभी भी पहले जैसा है। किसानों की मांग के साथ साथ विपक्ष लगातार बढ़ती मंहगाई पर भी सरकार को घेरने का प्लान बना रही है।

ईडी और सीबीआई का भी उठ सकता है मुद्दा
संसद का मानसून सत्र विवादास्पद कृषि कानूनों के साथ साथ दूसरे कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के शोर-शराबे और हंगामें की बलि चढ़ गया था। पिछले हफ्ते, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में लगातार हो रहे हंगामें और व्यवधान का मुद्दा भी उठाया था। उन्होंने विधायकों को आत्म अनुशासन विकसित करने के लिए राजनीतिक दलों के साथ चर्चा करने की अपील की थी। माना जा रहा है कि विपक्ष इस संसद सत्र में ईडी और सीबीआई निदेशकों के कार्यकाल को बढ़ाने पर भी चर्चा कर सकता है।


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Yaspal

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