ऑफ द रिकॉर्डः अय्यर के इस्तीफे के बाद अब सचिव स्तर के 3 पद खाली

2020-08-02T05:15:49.587

नई दिल्लीः पेयजल और स्वच्छता विभाग के सचिव के रूप में परमेस्वरन अय्यर के इस्तीफे के साथ, अब भारत सरकार में सचिव स्तर के 3 पद खाली हैं। इससे पहले सूचना एवं प्रसारण और खनन मंत्रालय में सचिव के पद खाली हैं और उनको कुछ महीने पहले ही अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।

वहीं माना जा रहा है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का पद जल्द नहीं भरा जाएगा, ऐसे में 1985 झारखंड बैच के आई.ए.एस. अमित खरे के पास ही अतिरिक्त कार्यभार बना रहेगा, वहीं खनन व पेयजल और स्वच्छता विभाग (डी.डब्ल्यू.एस.) के लिए विशिष्ट पेशेवर विशेषताओं वाले अधिकारियों की आवश्यकता होगी। 

यही कारण है कि अय्यर के सरकारी नौकरी छोड़ने का पता लगने के बाद प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से उनसे मुलाकात की। वहीं इस्तीफे के पीछे अनुमान लगाया जा रहा है कि अय्यर के लिए नमो सरकार की उम्मीद पर खरा उतरना एक चुनौती भरा काम रहा होगा, कभी जिनके लिए पेयजल, स्वच्छता और स्वच्छ भारत मिशन अत्यंत प्राथमिकता वाला था। वहीं अचानक डी.ओ.पी.टी. ने भी अधिकारियों को उस समय झटका दिया जब 1993 यू.पी.बैच के एक आई.ए.एस. अधिकारी आलोक कुमार को एक साल के लिए एक्सटैंशन दिए जाने के तुरंत बाद अपने आदेश पर रोक लगा दी। 

नीति आयोग के अधिकारी आदेश पर रोक से हैरान हैं, क्योंकि पहले मंत्रिमंडलीय समिति ने ही आलोक कुमार को 28 मई को एक साल का सेवा विस्तार दिया था लेकिन उसके तुरंत बाद ए.सी.सी. ने अपने पहले के आदेश पर रोक लगाने की घोषणा की।

इसके बाद यह चर्चा का विषय बना रहा कि आलोक कुमार जो नीति आयोग के ज्वाइंट सैके्रटरी स्तर के अधिकारियों के बीच 60-70 प्रतिशत से अधिक प्रमुख असाइनमैंट बांटने व संचालन का कार्य करते थे, के सेवा विस्तार के फैसले पर तुरंत रोक क्यों लगा दी गई? वहीं माना जाता है कि नीतिगत मुद्दों को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय और नीति आयोग के बीच कुछ मतभेद थे। सरकार चाहती थी कि कुछ फैसलों की समीक्षा की जाए लेकिन अधिकारी अनिच्छुक थे।


Content Writer

Pardeep

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