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पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायोग के कर्मचारियों की गिरफ्तारी को लेकर दी सफाई

2020-06-16T09:50:43.983

इस्लामाबादः भारतीय उच्चायोग के दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी से मचे बवाल व भारत द्वारा दिखाई सख्ती के बाद पाकिस्तान ने अपनी सफाई दी है। पाक ने कहा कि पुलिस ने 'हिट एंड रन' से जुड़े एक केस में पूछताछ के लिए उन्हें बुलाया था। ये दोनों कर्मचारी इस्लामाबाद में हुए एक कार एक्सीडेंट में मुख्य आरोपी हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक ये दोनों भले ही भारतीय उच्चायोग में काम करते हैं, लेकिन दोनों के ही पास डिप्लोमेटिक पासपोर्ट नहीं हैं। विदेश कार्यालय (एफओ) ने दोनों भारतीय अधिकारियों की पहचान पॉल सिल्वादेस और द्विमू ब्रह्म के तौर पर की है।

 

ये दोनों पाकिस्तान में 2017 में आए थे और दोनों ही गैर-राजनयिक हैं। पुलिस ने कहा कि औपचारिकता पूरी करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया और उन्हें भारतीय मिशन के एक अधिकारी को सौंप दिया गया पाकिस्तान के प्रमुख समाचार डॉन की खबर के मुताबिक इन दोनों भारतीय कर्मचारियों के खिलाफ इस्लामाबाद के सेक्रेटेरियट पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। दोनों पर आरोप है कि इन्होंने पहले अपनी गाड़ी से फुटपाथ पर चल रहे एक व्यक्ति को कुचल दिया और फिर मौका ए वारदात से फरार होने की कोशिश भी की। FIR में लिखा है कि दोनों के पास से जाली करंसी भी बरामद हुई है। हालांकि पाकिस्तान विदेश मंत्रालय फिलहाल इस पूरे मामले पर कोई भी बयान देने से बचता नज़र आ रहा है।

 

बता दें कि इन दोनों ही अधिकारियों को 'हिट एंड रन' के एक मामले में कथित रूप से शामिल होने को लेकर हिरासत में लेने के कुछ घंटे के बाद छोड़ दिया गया था। एक अन्य मीडिया रिपोर्ट विदेश कार्यालय द्वारा यह सूचित किए जाने के बाद कि उन्हें राजनयिक छूट प्राप्त है, पुलिस ने दोनों भारतीय अधिकारियों को रिहा कर दिया। हालांकि डॉन का दावा है कि उसके पास ऐसे सबूत मौजूद हैं जो साबित करते हैं कि दोनों के पाद डिप्लोमेट पासपोर्ट मौजूद नहीं है। पुलिस के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि उन्हें सचिवालय पुलिस थाने ले जाया गया और उनके खिलाफ 'लापरवाही से वाहन चलाते हुए एक व्यक्ति को घायल करने और फिर फरार होने की कोशिश' करने का मामला दर्ज किया गया है।


Tanuja

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