सोशल मीडिया, OTT और डिजिटल मीडिया के लिए 12 नियम, फेसबुक बोला-नए दिशानिर्देश का रखेंगे ध्यान

2021-02-26T15:00:59.583

नेशनल डेस्क: सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया मंचों, OTT और डिजिटल मीडिया कंपनियों के लिए लागू नई गाइडलाइंस जारी की हैं। सरकार की इस नई गाइंडलाइस पर सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनी फेसबुक ने कहा कि वह हमेशा से उन नियमनों का समर्थन करती रही है, जो ‘इंटरनेट पर कठिन चुनौतियों' को हल करने के लिए दिशानिर्देश तय करते हैं। इसके साथ ही फेसबुक ने अपने मंच पर प्रयोगकर्ताओं को सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई। फेसबुक ने कहा कि वह भारत के डिजिटल बदलाव के लिए काम करती रहेगी। 

 

जानिए सरकार के नए नियमों के बारे में

  1. अंतर्मध्यस्थों को नग्नता, अश्लील हरकत और तस्वीरों से छेड़छाड़ जैसी सामग्री को शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर हटाना होगा। 
  2. अंतर्मध्यस्थों (Intermediaries) को शिकायतों से निपटने के लिए एक शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करना होगा और इस अधिकारी को 24 घंटे के अंदर शिकायत स्वीकार करनी होगी और 15 दिनों के अंदर उसका निवारण करना होगा। 
  3. किसी भी अंतर्मध्यस्थ को अदालती या सरकारी आदेश मिलने के बाद किसी ऐसे कार्यक्रम की मेजबानी या प्रकाशन नहीं करना चाहिए जो भारत की संप्रभुता या जन व्यवस्था के हित में प्रतिबंधित किया गया हो।
  4. उपयोगकर्त्ताओं की संख्या के आधार पर सोशल मीडिया के अंतर्मध्यस्थों की दो श्रेणियां- सोशल मीडिया अंतर्मध्यस्थ और अहम सोशल मीडिया अंतर्मध्यस्थ बनाई गई हैं। 
  5. अहम सोशल मीडिया अंतर्मधस्थ के निर्धारण के लिए उपयोगकर्त्ताओं की संख्या सीमा शीघ्र घोषित की जाएगी।
  6. अहम सोशल मीडिया अंतर्मध्यस्थों के लिए अतिरिक्त उचित प्रक्रिया।
  7. अहम सोशल मीडिया अंतर्मध्यस्थों को मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल संपर्क व्यक्ति, स्थानीय शिकायत अधिकारी नियुक्त करना होगा। इन तीनों अधिकारियों को भारत में ही रहना होगा। 
  8. अहम सोशल मीडिया अंतर्मध्यस्थों को उसे मिलने वाली शिकायतों, उनपर की गयी कार्रवाई और सक्रियता से हटायी गयी सामग्री पर हर महीने अनुपालन रिपोर्ट जारी करनी होगी। 
  9. अहम सोशल मीडिया अंतर्मध्यस्थों को अपनी वेबसाइट या मोबाइल एप या दोनों पर भारत में अपने भौतिक पते का प्रकाशन करना होगा। 
  10. संदेश वाहक मंचों से कहा गया है कि उन्हें सूचना की शुरुआत करने वाले प्रथम व्यक्ति की पहचान का खुलासा करना होगा जो भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और लोक व्यवस्था को कमतर करती हो। अंतर्मध्यस्थ को संदेश की सामग्री का खुलासा करने की जरूरत नहीं होगी। 
  11. उपयोगकर्ताओं, जो अपने खाते का स्वैच्छिक सत्यापन कराना चाहते हैं, को ऐसा करने की व्यवस्था मिलनी चाहिए। 
  12. यदि सोशल मीडिया अपने आप ही सामग्री हटाता है तो उसे उपयोगकर्ता को उसकी पूर्व सूचना देना होगा और उसका कारण बताना होगा। उपयोगकर्ता को अंतर्मध्यस्थ द्वारा की कार्रवाई पर सवाल उठाने का मौका दिया जाना चाहिए।

Content Writer

Seema Sharma

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