मुंबई की इमारत में लगी आग, 19वीं मंजिल से गिरकर सुरक्षा गार्ड की मौत

10/23/2021 9:36:02 AM

मुंबई, 22 अक्टूबर (भाषा) महानगर में शुक्रवार को 61 मंजिला एक आवासीय इमारत की 19वीं मंजिल पर आग लगने के बाद एक फ्लैट से एक सुरक्षा गार्ड नीचे गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई। अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें व्यक्ति को गिरने से पहले बालकनी से लटका हुआ देखा जा सकता है।
इस बीच, अग्निशमन दल ने इमारत में फंसे 16 लोगों को बचाया है।

उन्होंने बताया कि करी रोड पर ‘वन अविघ्न पार्क’ नामक इमारत की 19वीं मंजिल पर मध्याह्न से पहले आग लगी। आग की वजह को शार्ट सर्किट माना जा रहा है लेकिन अबतक इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

मुंबई के नगर आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने कहा कि इस घटना की जांच की जाएगी। वह मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर के साथ घटनास्थल का मुआयना किया।

अग्निशमन विभाग के अधिकारी ने बताया कि आग 19वीं मंजिल से 20वीं मंजिल तक पहुंच गया था और करीब पांच घंटे की कोशिश के बाद इसपर काबू पाया जा सका। आग बुझाने के लिए दमकल की 16 गाड़ियों, पानी के नौ टैंकर और दो सीढ़ियों का इस्तेमाल किया गया।
अधिकारी ने कहा, “आग लगने के बाद इमारत का एक सुरक्षा गार्ड अरुण तिवारी (30) 19वीं मंजिल पर गया। उसे जल्द ही यह एहसास हो गया कि वह फंस गया है और आग से बचने के लिए वह फ्लैट की बालकनी से लटक गया। वह कई मिनट तक बालकनी की रेलिंग पकड़े रहा लेकिन अंततः वह गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई।”
उन्होंने कहा कि तिवारी के गिरने के बाद उसे केईएम अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत अवस्था में लाया गया घोषित कर दिया गया।
अग्निशमन विभाग ने इसे ‘स्तर-चार’ की आग घोषित किया है जिसका अभिप्राय है कि यह आग की बड़ी घटना थी।
मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर ने घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि यदि इमारत में तैनात निजी सुरक्षा गार्डों को उचित प्रशिक्षण दिया गया होता तो तिवारी का जीवन बचाया जा सकता था।
उन्होंने कहा कि इमारत के सुरक्षा सेवा गार्डों के पास कार्रवाई करने और तिवारी को बचाने के लिए 15 मिनट का समय था। महापौर ने कहा कि वे गार्ड को बचाने के लिए कोई बड़ा कपड़ा या जमीन पर गद्दा बिछा सकते थे।
उन्होंने बताया कि अग्निशमन विभाग के कर्मी जबतक सीढ़ी लगाकर उसके पास पहुंचते, उसकी पकड़ ढीली पड़ गई।
अधिकारियों ने बताया कि ऊपर की मंजिलों में फंसे 16 लोगों को सीढ़ियों की मदद से सुरक्षित बचाया गया जबकि जिन दो लोगों को पहले लापता बताया गया था वे अपने फ्लैट में सुरक्षित मिले।
मुंबई अग्निशमन सेवा के प्रमुख हेमंत परब ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आग केवल 19वीं और 20वीं मंजिल तक सीमित थी।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में इमारत में लगी आग बुझाने की प्रणाली में पर्याप्त पानी का दबाव नहीं था लेकिन बाद में वह काम करने लगी। अगर प्रणाली सही काम करती तो आग पर बहुत पहले काबू पाया जा सकता था।
महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने भी घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘आग बुझा ली गई है अब चिंगारियों को शांत करने की प्रक्रिया चल रही है। मैंने मुंबई अग्निशमन दल के बहादुर जवानों से मुलाकात की जिन्होंने फूर्ति से कार्य किया।’’
आग बुझाने की प्रक्रिया शुरू करने के करीब पांच घंटे बाद शाम करीब पांच बजे अग्निशमन दल ने आग के पूरी तरह से बुझने की घोषणा की।
पेडनेकर ने शाम को अग्नि सुरक्षा और अवैध निर्माण पर तत्काल उप नगर आयुक्तों की बैठक की। चहल ने कहा कि अगर इमारत के निवासियों की शिकायत सही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘अग्निकांड की प्रशासनिक जांच करवाई जाएगी। साथ ही, अगर शिकायत तथ्यात्मक पाई गई तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’
पेडनेकर ने कहा कि जिस फ्लैट से आग लगी वहां फर्नीचर का काम चल रहा था। उन्होंने बताया कि इमारत में 300 फ्लैट है जिनमें से 200 में परिवार रह रहे हैं।
मीडिया से बात करते हुए इमारत के निवासियों ने बताया कि काफी समय पहले सोसाइटी गठित किए जाने के बावजूद बिल्डर ने आधिकारिक रूप से परिसर का स्थानांतरण उन्हें नहीं किया है जिससे वे कोई काम नहीं करा पा रहे हैं। कुछ निवासियों ने परिसर में बिल्डर द्वारा अवैध निर्माण कराने का आरोप लगाया।
पेडनेकर ने कहा कि वह इन आरोपों की प्रशासनिक जांच को कहेंगी।


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PTI News Agency

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