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बिजली क्षेत्र में सब्सिडी के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से आ सकती हैं परिचालन चुनौतियां: विशेषज्ञ

2020-09-16T22:51:02.583

मुंबई, 16 सितंबर (भाषा) बिजली अधिनियम 2003 में प्रस्तावित संशोधन कर किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से सब्सिडी प्रदान करना शायद व्यावहारिक तौर पर संभव नहीं हो। विशेषज्ञो का ऐसा मानना है।

बिजली मंत्रालय ने संशोधन के मसौदे में उपभोक्ताओं के खाते के बजाय बिजली वितरण कंपनियों द्वारा प्रबंधित उपभोक्ता के खाते में सब्सिडी हस्तांतरित करने का प्रस्ताव किया है।

बीएसईएस राजधानी पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमल सिन्हा ने केयर रेटिंग्स द्वारा आयोजित एक आभासी बैठक में कहा, ''‘‘हालांकि उद्देश्य सही है लेकिन इसके कार्यान्वयन में परिचालन संबंधी चुनौतियां होंगी। क्या यह प्रस्ताव स्थिति में बदलाव ला पायेगा अथवा नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि सब्सिडी समय पर जारी होती है अथवा नहीं।’’
गुजरात उर्जा विकास निगम के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीएफओ) शुभदीप सेन ने कहा कि पेट्रोलियम क्षेत्र में पेश डीबीटी पूरी तरह से अलग है और यह बिजली क्षेत्र में व्यावहारिक नहीं हो सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘जो हम पेट्रोलियम क्षेत्र में देखते हैं, उसे बिजली क्षेत्र में लागू किया जाना मुश्किल है। यदि यह प्रभावी ढंग से किया जा सकता है तो यह एक अच्छा प्रस्ताव है।’’


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

Edited By

PTI News Agency

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