कोविड-19 महामारी के ''नाजुक मोड़'' पर खड़ी है दुनिया, ओमिक्रॉन आखिरी वेरिएंट नहीं होगा: WHO की चेतावनी

punjabkesari.in Monday, Jan 24, 2022 - 08:01 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयियस ने चेतावनी दी कि कोरोना वायरस के और स्वरूपों के आने के लिए आदर्श स्थिति बनी हुई है और कहा कि यह मानना कि ओमीक्रोन आखिरी स्वरूप है या ‘‘हम महामारी के अंतिम दौर में हैं, खतरनाक सोच है।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने लेकिन यह भी कहा कि अगर अहम लक्ष्यों को हासिल कर लिया जाता है तो महामारी का घातक दौर इस साल खत्म हो सकता है, विश्व निकाय के महानिदेशक घेब्रेयियस ने सोमवार को उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और तंबाकू के इस्तेमाल, जीवाणु रोधी इलाज के खिलाफ प्रतिरोध की लड़ाई, जलवायु परिवर्तन के मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर जैसी वैश्विक चिंताओं पर बात रखी। उन्होंने कहा, ‘‘महामारी के घातक चरण को खत्म करना हमारी सामूहिक प्राथमिकता होनी चाहिए।''

घेब्रेयियस ने डब्ल्यूएचओ की कार्यकारी बोर्ड की बैठक की शुरुआत में कहा, ‘‘ महामारी कैसा रूप धारण करेगी और कैसे विकट चरण को खत्म किया जाए इसको लेकर अलग-अलग परिदृश्य हैं। लेकिन यह मानना खतरनाक होगा कि ओमीक्रोन, वायरस का आखिरी स्वरूप होगा या महामारी खत्म होने को है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसके विपरीत, वैश्विक स्तर पर वायरस के और स्वरूप आने के लिए आदर्श अवस्था मौजूद है।''

घेब्रेयियस ने लेकिन जोर देकर कहा, ‘हम कोविड-19 महामारी को दिए गए वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल के दर्जे को खत्म कर सकते हैं और यह हम इसी साल कर सकते हैं'', यह डब्ल्यूएचओ के लक्ष्यों को, जैसे प्रत्येक देश में साल के मध्य तक 70 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण, कोविड-19 से अधिक खतरे वाले लोगों पर ध्यान केंद्रित कर , जांच में सुधार कर और वायरस और उसके स्वरूप पर नजर रखने के लिए आनुवंशिकी अनुक्रमण की दर बढ़ाने को प्राप्त करके कर सकते हैं।

 


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Content Writer

Yaspal

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