लंदन मेट्रो Tube में मुस्लिमों का कब्जा; नमाज के वायरल वीडियो ने मचाई सनसनी, सामने आया शर्मनाक सच
punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 12:29 PM (IST)
London: सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने जमकर सनसनी मचा दी। वीडियो में लंदन की Tube ट्रेन के अंदर कई पुरुषों को कथित तौर पर नमाज पढ़ते हुए दिखाया गया। आसपास बड़ी संख्या में यात्री खड़े नजर आ रहे हैं। वीडियो शेयर करने वालों ने दावा किया कि यात्रियों के बीच नमाज पढ़कर Tube में रास्ता बाधित किया गया। वीडियो के साथ कुछ पोस्ट में लंदन के मेयर सादिक खान पर भी निशाना साधा गया और इसे ब्रिटेन में शरिया कानून के कथित बढ़ते प्रभाव से जोड़ने की कोशिश की गई। लेकिन वीडियो की पड़ताल करने पर सामने आया कि यह किसी वास्तविक घटना का वीडियो नहीं है।
If you can’t figure out that this is AI-generated, you need your head looking at. https://t.co/KibxF5zP2e
— Simon Harris (@SimonHarrisMBD) August 3, 2026
जांच में सामने आया शर्मनाक सच
फैक्ट-चेकिंग संस्था DFRAC ने इसी तरह के वायरल London Metro वीडियो की जांच की थी। जांच में वीडियो के कई हिस्सों में AI-generated कंटेंट के संकेत मिले। लोगों के चेहरे, शरीर की गतिविधियां और ट्रेन के अंदर की संरचना वास्तविक फुटेज के बजाय कृत्रिम रूप से तैयार की गई प्रतीत हुई। वीडियो में नमाज पढ़ने वाले लोगों की व्यवस्था भी सामान्य सामूहिक नमाज से मेल नहीं खाती। कई लोग अलग-अलग दिशाओं में दिखाई देते हैं, जबकि सामूहिक नमाज में लोग आम तौर पर एक ही दिशा में समानांतर कतारों में खड़े होते हैं।फैक्ट-चेक में वीडियो को कई AI-detection tools से जांचे जाने का दावा किया गया। इन परीक्षणों में वीडियो के AI-generated होने की बहुत अधिक संभावना सामने आई। वीडियो में चेहरों और शरीर की गतिविधियों में भी ऐसी विसंगतियां बताई गईं, जो AI से तैयार वीडियो में अक्सर दिखाई देती हैं।
ब्रिटेन में ऐसे वीडियो पहले भी हो चुके हैं वायरल
यह पहला मामला नहीं है जब AI की मदद से मुस्लिमों से जुड़ा सनसनीखेज वीडियो तैयार करके ब्रिटेन की स्थिति को लेकर भ्रामक दावा किया गया हो। Full Fact ने भी 2026 में लंदन से जुड़े कई ऐसे वायरल वीडियो की जांच की, जिनमें मुस्लिमों की भीड़ और धार्मिक गतिविधियों को लेकर भड़काऊ दावे किए गए थे। जांच में कुछ वीडियो के AI-generated होने के संकेत मिले। ऐसे वीडियो को अक्सर इस तरह तैयार किया जाता है कि देखने वाले को पहली नजर में यह वास्तविक घटना लगे। इसके बाद धर्म, राजनीति और प्रवासन जैसे संवेदनशील मुद्दों को जोड़कर इसे सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाया जाता है।
नहीं मिला असली घटना का सबूत
वायरल पोस्ट को लाखों लोगों ने देखा और हजारों लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने इसे वास्तविक घटना मानकर ब्रिटेन की सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाए। बाद में कम्युनिटी नोट्स और फैक्ट-चेकर्स ने वीडियो की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए इसे AI-generated बताया। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस वीडियो के आधार पर लंदन Tube में ऐसी वास्तविक सामूहिक नमाज की घटना की पुष्टि नहीं होती। इसलिए वायरल वीडियो को वास्तविक समाचार समझकर शेयर करना भ्रामक होगा।
You're on the Tube in London trying to get to work and you're stuck because of these inbred invaders! What would you do? pic.twitter.com/ItqR5tiTlG
— Richie Taylor (@RWTaylors) August 3, 2026
AI तकनीक ने नकली वीडियो बनाना इतना आसान कर दिया है कि अब केवल वीडियो देखकर उसकी सच्चाई तय करना मुश्किल हो गया है। खासकर धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों से जुड़े वीडियो तेजी से वायरल होते हैं, क्योंकि उनमें भावनात्मक प्रतिक्रिया पैदा करने की क्षमता ज्यादा होती है। लंदन Tube में मुस्लिमों द्वारा सामूहिक रूप से नमाज पढ़कर यात्रियों का रास्ता रोकने वाला वायरल वीडियो वास्तविक घटना का प्रमाण नहीं है। फैक्ट-चेक में इसे AI-generated बताया गया है।
