अफगानिस्तान में पाकिस्तान की दोहरी भूमिका पर भड़के अमेरिकी सांसद

2021-09-15T13:44:24.69

वॉशिंगटन:अमेरिकी सांसदों ने 9/11 हमले के बाद अफगानिस्तान में पाकिस्तान की दोहरी नीति वाली भूमिका पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान के साथ रिश्तों पर पुन: विचार  किया जाना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान के मुख्य गैर-नाटो सहयोगी के दर्जे के बारे पर भी फिर से विचार करने का अनुरोध किया। कांग्रेस सदस्य बिल कीटिंग ने कहा कि इस्लामाबाद ने दशकों से अफगानिस्तान से संबंधित मामलों में नकारात्मक भूमिका निभाई है। आई.एस.आई. के हक्कानी नैटवर्क से मजबूत संबंध हैं। 

 

वहीं कांग्रेस सदस्य स्कॉट पैरी ने कहा कि पाकिस्तान अमरीकी करदाताओं के पैसे से हक्कानी नैटवर्क और तालिबान का समर्थन करता है, अमरीका को उसे अब और पैसा नहीं देना चाहिए तथा गैर-नाटो सहयोगी का दर्जा भी उससे छीन लेना चाहिए। कांग्रेस सदस्य मार्क ग्रीन ने कहा कि ISI जिस तरह तालिबान और हक्कानी नैटवर्क को खुलेआम समर्थन दे रही है, ऐसे में भारत के साथ मजबूत संबंधों पर विचार करना चाहिए। दरअसल सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन को नाराज सांसदों का सामना करना पड़ा ।

 

सांसदों ने अफगान सरकार के त्वरित पतन को लेकर अमेरिकी प्रशासन की प्रतिक्रिया पर तथा अमरीकियों व अन्य लोगों को निकालने के लिए विदेश विभाग के कार्यों पर सवाल उठाए।  इस पर ब्लिंकन ने अफगानिस्तान से सेना वापस बुलाने के तरीके पर रिपब्लिकन सांसदों की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि जो बाइडेन प्रशासन को युद्ध खत्म करने के लिए तालिबान से समझौता विरासत में मिला, इसके लिए कोई योजना नहीं थी। सदन की विदेश मामलों की समिति के समक्ष सुनवाई के दौरान ब्लिंकन ने अफगान सरकार के अचानक गिरने को लेकर नाराज सांसदों की शिकायतों को खत्म करने की कोशिश करते हुए जवाब दिया।


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Content Writer

Tanuja

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