रूसी TV चैनल से खुली धमकी-'' यूक्रेन जंग विश्व युद्ध की सिर्फ रिहर्सल,अगला टारगेट NATO

punjabkesari.in Saturday, May 21, 2022 - 02:04 PM (IST)

 इंटरनेशनल डेस्क : रूस की सेना यूक्रेन में  भीषण तबाही मचा चुकी है।  रूस ने शुक्रवार को मारियुपोल पर कब्जा करने का दावा किया, जो युद्ध में उसकी अब तक की सबसे बड़ी जीत हो सकती है। करीब तीन महीने तक रूसी सैनिकों की घेराबंदी में रहा यह बंदरगाह शहर अब मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है और यहां 20,000 से अधिक नागरिकों के मारे जाने की आशंका है।

 

Live Updates: 

  • रूस के रक्षा मंत्री सर्गेइ शोइगु ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मारियुपोल में अजोवस्तल इस्पात संयंत्र और पूरे शहर की ‘‘पूरी तरह मुक्ति'' की जानकारी दी।
  •  यह इस्पात संयंत्र यूक्रेनी प्रतिरोध का प्रतीक बन गया था। अभी यूक्रेन ने इसकी कोई पुष्टि नहीं की है। 
  • सोमवार से लेकर अब तक संयंत्र में छिपे कुल 2,439 यूक्रेनी लड़ाकों ने आत्मसमर्पण कर दिया है, जिनमें से 500 से अधिक लड़ाकों ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण किया।
  • आत्मसमर्पण करने पर सैनिकों को रूस ने बंदी बना लिया और कुछ को दूरस्थ स्थानों पर ले जाया गया। कुछ अन्य लोग अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं। 
  • रूसी प्राधिकारियों ने इस्पात संयंत्र में छिपे कुछ लड़ाकों को ‘‘नाजी'' तथा अपराधी बताते हुए उन पर युद्ध अपराध के लिए मुकदमा चलाने की धमकी दी है। 
  • मारियुपोल पर पूरी तरह कब्जा जमाने से पुतिन को युद्ध में एक अदद जीत मिल गयी है, जिसकी 24 फरवरी को यह लड़ाई शुरू होने के बाद उन्हें दरकार थी। 

 

इस जंग को दुनिया ने एक ऐसे युद्ध के रूप देखा है जिसे कई पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। लेकिन रूस के एक विश्लेषक ने इसे एक बड़े विश्व युद्ध की सिर्फ 'रिहर्सल' करार दिया है। रूस के सरकारी टीवी चैनल पर इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल सिक्योरिटी स्टडीज में रिसर्च फेलो प्रोफेसर एलेक्सी फेनेंको ने कहा कि अगला संघर्ष नाटो के खिलाफ हो सकता है। सनद रहे कि यूक्रेन में अपनी बर्बर कार्रवाई को अभी तक क्रेमलिन ने 'युद्ध' करार नहीं दिया है बल्कि इसके लिए वह 'स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन' शब्द का इस्तेमाल कर रहा है।

 

रूस में मीडिया पर सरकार का नियंत्रण है और अखबार व न्यूज चैनल वही कहते हैं जो क्रेमलिन चाहता है। डेलीस्टार की खबर के अनुसार कुछ दिनों पहले रशिया-1 नेटवर्क पर एक चर्चा के दौरान फेनेंको ने 'युद्ध' शब्द का इस्तेमाल किया और संकेत दिया कि भविष्य में ऐसे और युद्ध देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यूक्रेन का युद्ध सिर्फ एक रिहर्सल है, भविष्य में संभावित बड़े संघर्ष की रिहर्सल। हम नाटो हथियारों का परीक्षण और अपने हथियारों से उनकी तुलना करेंगे और युद्ध के मैदान में पता चलेगा कि हमारे हथियार उनसे कितने ताकतवर हैं।

 

फेनेंको ने कहा कि यह भविष्य के संघर्षों के लिए एक सीखने वाला अनुभव हो सकता है। अगर यह माना जाए कि फेनेंको की टिप्पणियों को 'ऊपर' से मंजूरी मिली है तो यह क्रेमलिन के दृष्टिकोण में एक अहम बदलाव को दिखाता है। रिटायर्ड अमेरिकी जनरल बैरी आर मैककैफ़री ने फेनेंको के बयान को 'हैरान करने वाला' बताया। उन्होंने कहा कि नाटो/यूरोपीय संघ की आर्थिक और सैन्य ताकत रूस से कई गुना ज्यादा है।

 

उन्होंने कहा कि अन्य नाटो देशों के खिलाफ रूसी आक्रमकता को बढ़ाना पूरी तरह अतार्किक होगा। फेनेंको का बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब स्वीडन और फिनलैंड ने नाटो में शामिल होने के लिए आवेदन कर दिया है। पुतिन ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा था कि दूसरे देशों में नाटो का सैन्य विस्तार मॉस्को को प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर कर सकता है। रूस ने दावा किया है कि मारियुपोल के अजोवस्टल स्टील प्लांट में मौजूद सभी यूक्रेनी सैनिकों ने सरेंडर कर दिया है।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Tanuja

Related News

Recommended News