ताइवान ने उसे ''चीन का प्रांत'' बताने वाली UN रिपोर्ट का किया विरोध

03/22/2021 1:56:46 PM

ताइपे: संयुक्त राष्ट्र (UN) की ओर से जारी 'वर्ल्ड हैपीनेस रिपोर्ट' को लेकर ताइवान ने नाराजगी जताई है।  ताइवान ने उसे 'चीन का प्रांत' के तौर पर सूचित करने वाली संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट-2021 का विरोध किया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, ताइवान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ताइवान की अपनी सरकार और संप्रभुता है और ताइवान पर कभी भी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने शासन नहीं किया है। ताइवान ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा उसके देश को "चीन के प्रांत" के रूप में सूचीबद्ध करने के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। 20 मार्च को को जारी संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी इस  विश्व खुशहाली रिपोर्ट 2021 में 149 देशों में खुशी के स्तर की वैश्विक रैंकिंग की गई है।  

 

रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र का सदस्य न होने कारण ताइवान को "चीन प्रांत" के रूप में चिह्नित किया गया है । इस बीच  देश के विदेश मंत्रालय ने भी वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में गलतफहमी के बारे में निराशा व्यक्त की। ताइवान टाइम्स ने अपनी  रिपोर्ट में जोर देकर कहा कि ताइवान की अपनी सरकार और संप्रभुता है और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) द्वारा कभी भी शासित नहीं किया गया है। न्यूयॉर्क में ताइवान के प्रतिनिधि कार्यालय ने एक ट्विटर पोस्ट में कहा कि उसने देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए सम्मान की मांग करते हुए विरोध शुरू किया है। "ताईवान एक देश है और ताइवान को चीनी शासन के तहत सूचीबद्ध करना "झूठा, अस्वीकार्य, और देश के जीवंत लोकतंत्र की एक अपमानजनक उपेक्षा है।"  

 

कार्यालय ने लिखा कि ताइवान एक ऐसी जगह है जहां "लोकतंत्र और मानवाधिकारों को चीन के विपरीत, संरक्षित और संरक्षित किया जाता है।" चूंकि संयुक्त राष्ट्र का सर्वेक्षण खुशी और कल्याण के बारे में है, इसलिए इसे ताइवान की खुशी को ध्यान में रखना चाहिए । ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता कोलास योताका ने भी ट्विटर पर लिखा है कि  अगर संयुक्त राष्ट्र इसे "चीन का प्रांत" कहना बंद कर दे ताइवान "रैंकिंग में बहुत अधिक आगे होगा" । रिपोर्ट के अनुसार, फिनलैंड ने एक बार फिर शीर्ष स्थान को बरकरार रखा जबकि ताइवान को पूर्वी एशिया का सबसे खुशहाल  और दुनिया का 24 वां सबसे खुशहाल देश बताया गया है।

 

संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी 'वर्ल्ड हैपीनेस रिपोर्ट' में फिनलैंड को लगातार चौथे साल दुनिया का सबसे खुशहाल देश पाया गया है। वहीं भारत 149 देशों की इस सूची में 139वें नंबर पर है। 'वर्ल्ड हैपीनेस रिपोर्ट' में पाया गया है कि  कोरोना महामारी से सबक लेते हुए पूंजी नहीं स्वास्थ्य पर जोर देना होगा। संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्यूशन्स नेटवर्क की ओर से जारी वर्ल्ड हैपीनेस रिपोर्ट के अनुसार, खुशहाल देशों की सूची में डेनमार्क दूसरे, स्विट्जरलैंड तीसरे नंबर पर है।


 


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Content Writer

Tanuja

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