क्वॉड देशों ने संदिग्ध साइबर गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक-दूसरे की मदद का आह्वान किया

punjabkesari.in Saturday, Sep 24, 2022 - 02:05 PM (IST)

वाशिंगटन, 24 सितंबर (भाषा) क्वॉड के सदस्य देशों ने राज्य प्रायोजित दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधियों के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि वे क्षेत्रीय साइबर अवसंरचना की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक-दूसरे का सहयोग करेंगे।

क्वॉड के सदस्य देशों में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं।

ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेन्नी वोंग, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, जापान के विदेश मंत्री हयाशी योशिमासा और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र से इतर बैठक की। उन्होंने एक संयुक्त बयान जारी कर देशों से उनके क्षेत्र से संचालित रैनसमवेयर गतिविधियों से निपटने के लिए उचित कदम उठाने का आह्वान किया।

क्वॉड देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा, ‘‘हम रैनसमवेयर सहित अन्य दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधियों से अहम साइबर अवसंरचना पर मंडरा रहे खतरों से निपटने में एक-दूसरे का सहयोग करने को प्रतिबद्ध हैं।’’ संयुक्त बयान में इस दिशा में कार्रवाई करने का आह्वान किया गया।

विदेश मंत्रियों ने कहा कि क्वॉड देश साइबर जगत के खुले, सुरक्षित, स्थिर, वहनीय और शांतिपूर्ण इस्तेमाल को लेकर प्रतिबद्ध हैं और वे साइबर जगत में जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए संयुक्त राष्ट्र के मसौदे को लागू करने की दिशा में देशों की क्षमता बढ़ाने से जुड़ी क्षेत्रीय पहलों का समर्थन करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा दृढ़ विश्वास है कि हिंद-प्रशांत देशों की साइबर क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित पहल से क्षेत्रीय साइबर अवसंरचना की सुरक्षा और लचीलापन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।’’ बयान में कहा गया, ‘‘मंत्रियों ने रैनसमवेयर खतरे के खिलाफ लड़ाई के हमारे सामूहिक लक्ष्य को इंगित किया जो हिंद-प्रशांत अर्थव्यवस्था, विकास और सुरक्षा संबंधी साइबर अवसंरचना के लिए खतरा है। हम क्षमता विकास एवं पहल में और सहयोग करने को प्रतिबद्ध हैं जिसका लक्ष्य क्षेत्रीय साइबर सुरक्षा को बढ़ाना है।’’ ग्यारह फरवरी को हुई पिछली क्वॉड बैठक को याद करते हुए विदेश मंत्रियों ने कहा कि वे रैनसमवेयर के वैश्विक खतरे से निपटने को प्रतबिद्ध हैं क्योंकि यह हिंद प्रशांत क्षेत्र के आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए बाधा है।

उन्होंने कहा, ‘‘रैनसमवेयर की परिवर्तनकारी प्रकृति बुरी तरह से हमारी सुरक्षा, वित्तीय क्षेत्र, कारोबारी प्रतिष्ठानों और व्यक्तिगत डेटा को प्रभावित करती है। हम रैनसमवेयर के खिलाफ अमेरिका नीत कार्रवाई, साइबर अपराधों के खिलाफ व्यावहारिक परामर्श को लेकर 36 समर्थक देशों की प्रगति की प्रशंसा करते हैं।’’

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PTI News Agency

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