चीन के भारतीय छात्रों को लौटने की अनुमति न देने पर भारत ने जतायी निराशा

09/26/2021 5:41:49 PM

बीजिंग, 26 सितंबर (भाषा) भारत ने कोविड-19 महामारी के कारण फंसे भारतीय छात्रों, कर्मचारियों और उनके परिवारों को लौटने की चीन द्वारा अनुमति देने से इनकार करने पर ‘‘निराशा’’ जतायी और इसे एक विशुद्ध मानवीय मुद्दे के प्रति ‘‘अवैज्ञानिक दृष्टिकोण’’ बताया। भारत में करीब 23,000 से अधिक भारतीय छात्र और सैकड़ों भारतीय उद्योगपति और कामगार अपने परिवारों के साथ पिछले एक साल से फंसे हुए हैं क्योंकि चीन ने कोविड-19 की स्थिति का हवाला देते हुए वीजा प्रक्रिया निलंबित कर दी है। इन छात्रों में से ज्यादातर मेडिसिन की पढ़ाई कर रहे हैं। चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिसरी ने 23 सितंबर को चीन-भारत संबंधों पर चौथे उच्च स्तरीय ट्रैक-2 संवाद में इन फंसे हुए भारतीयों की परेशानियों का जिक्र किया। मिसरी ने कहा, ‘‘ऐसे कम जटिल मुद्दे जिसमें पूरी तरह से मानवीय संदर्भ होता है और जो द्विपक्षीय कूटनीतिक रुख से जुड़े नहीं होते, जैसे कि भारत में फंसे छात्रों, कारोबारियों और परिवारों को आवाजाही की अनुमति देने के प्रति अधिक संतुलित और संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां बता दूं कि भारत ने व्यापार और वाणिज्यिक संबंध जारी रखने की कोशिश की है- उदाहरण के लिए चीनी कारोबारियों को भारत आने के लिए वीजा जारी रखकर। हालांकि हमें यह देखकर निराशा हुई कि भारतीय छात्रों, कारोबारियों, मरीन क्रू और निर्यातकों के सामने आ रही कई समस्याओं के संबंध में अवैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया गया है।’’ इस महीने की शुरुआत में चीन लौटने वाले विदेशियों पर यात्रा पाबंदिया हटाने के सवालों पर जवाब देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि बीजिंग अंतरराष्ट्रीय यात्रा से संबंधित मुद्दों पर सभी पक्षों के साथ करीबी संवाद बनाए रखने को लेकर तैयार है।

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PTI News Agency

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