ब्लिंकन की पहली भारत यात्रा: अफगानिस्तान, क्वाड, कोविड और जलवायु परविर्तन होंगे चर्चा के मुख्य विषय

2021-07-24T10:37:48.883

वाशिंगटन, 24 जुलाई (भाषा) अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन अगले हफ्ते भारत की अपनी पहली यात्रा पर आएंगे और इस दौरान सुरक्षा, रक्षा एवं आतंकवाद की रोकथाम तथा अफगानिस्तान, क्वाड, कोविड-19 और जलवायु परिवर्तन एजेंडा में शीर्ष पर रहेंगे। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक ब्लिंकन 27 जुलाई की शाम नयी दिल्ली पहुंचेंगे। वह 28 जुलाई को पूरे दिन कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे। अपनी यात्रा के दौरान, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि नयी दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी ब्लिंकन से मुलाकात करेंगे।

विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि मोदी और जयंशकर के साथ उनकी मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों को और घनिष्ठ करने के तरीकों पर चर्चा हो सकती है जिसका दायरा बहुत व्यापक है। साथ ही क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर परस्पर विचारों को लेकर चर्चा हो सकती है।

दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के कार्यवाहक उप मंत्री डीन थॉम्पसन ने ब्लिंकन की यात्रा पर कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान संवाददाताओं को बताया, “हमारे भारतीय साझेदारों के साथ हमारी द्विपक्षीय चर्चा सुरक्षा, साइबर और आतंकवाद को रोकने संबंधी सहयोग को विस्तार देने पर केंद्रित होगी।” उन्होंने कहा, “ इन मुद्दों पर दोनों सरकारें सहयोग करती हैं, जिसमें नियमित भारत-अमेरिका कार्यकारी समूह बैठकें शामिल हैं और ज्यादा सुरक्षित दुनिया सुनिश्चित करने के लिए भारत के साथ हमारे संबंधों को और मजबूत करने की आशा करते हैं।’’ उन्होंने वार्ता के बारे में विस्तार से ब्योरे दिए बिना बताया कि इस दिशा में, ब्लिंकन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन इस साल के अंत में वार्षिक अमेरिका-भारत ‘टू प्लस टू’ मंत्रि-स्तरीय वार्ता के लिए अपने भारतीय समकक्षों की मेजबानी करने के लिए तत्पर हैं।

थॉम्पसन ने कहा, “हम क्षेत्रीय मुद्दों पर, अफगानिस्तान में न्यायसंगत एवं स्थायी शांति को समर्थित करने के हमारे प्रयासों पर चर्चा करना चाहेंगे।” उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान के सभी पड़ोसी देश और क्षेत्र में अन्य देशों की शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं स्थिर अफगानिस्तान में दिलचस्पी है जिसे बातचीत के जरिए राजनीतिक समाधान के जरिए ही पूरा किया जा सकता है, जो 40 साल के संघर्ष को खत्म करे।” थॉम्पसन ने कहा कि निश्चित तौर पर, भारत क्षेत्र में अहम साझेदार है और अमेरिका अफगानिस्तान में शांति और आर्थिक विकास को समर्थन देने के लिए भारत की साझा प्रतिबद्धता का स्वागत करता है।

उन्होंने कहा, “हम भारतीय साझेदारों के साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकास पर चर्चा की भी उम्मीद करते हैं।’’ उन्होंने साथ ही कहा कि इस वर्ष राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा आयोजित पहले बहुपक्षीय कार्यक्रमों में से एक भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के अपने समकक्षों के साथ डिजिटल क्वाड शिखर सम्मेलन था।



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PTI News Agency

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