लोगों की जान बचाने के लिए जमात के साथ नमाज रोकें : अल अजहर का फतवा

2020-03-26T17:27:23.733

इस्लामाबाद, 26 मार्च (भाषा) पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के अनुरोध पर एक उच्च वैश्विक इस्लामी संस्था ने फतवा जारी कर देश के प्रमुखों को जमात के साथ जुमे की नमाज पर रोक लगाने का आदेश देने की शक्ति प्रदान की है। दुनियाभर में 20 हजार से अधिक लोगों की जान लेने वाले कोरोनो वायरस के प्रकोप के मद्देनजर ये फतवा जारी किया गया है।

मिस्र की सर्वोच्च परिषद और इस्लामिक मामलों के संबंध में आदेश देने वाली संस्था जामिया अल-अजहर के मुख्य इमाम शेख की ओर से बुधवार को यह फतवा जारी किया गया। इसमें कहा गया कि मस्जिदों में जमात के साथ नमाज अदा करने के साथ ही लोगों के एकत्र होने से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा बढ़ सकता है और मुस्लिम देशों की सरकारों को ऐसे आयोजनों पर रोक लगाने के लिए पूरी शक्ति प्राप्त है।

राष्ट्रपति ने बुधवार को ट्वीट किया, '''' कोरोना वायरस के हमले के कारण मस्जिदों में जुमे की नमाज और फर्ज जमात को लेकर मेरे निजी आग्रह पर हमें जारी किए गए मार्गदर्शन के लिए मैं अल-अजहर के मुख्य इमाम शेख और सर्वोच्च परिषद का आभारी हूं।'''' खबरों के अनुसार, अल्वी ने मौलानाओं से कोरोनो वायरस के खतरे को ध्यान में रखते हुए कुरान में दिए इस्लाम के नियमों के तहत काम करने को कहा। साथ ही कहा कि वायरस के प्रसार के मद्देनजर जुमे की नमाज स्थगित किया जाना शुद्ध रूप से इस्लाम के मुताबिक है। अल्वी ने कहा, '''' संयुक्त अरब अमीरात, ईरान, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, जॉर्डन, कुवैत, फलस्तीन, तुर्की, सीरिया, लेबनान और मिस्र जैसे देशों ने जमात के साथ नमाज रोक दी है। '''' फतवे के मुताबिक, '''' एक देश की सरकार जुमे और आम नमाज जमात के साथ पढ़ने को लेकर प्रतिबंध लगा सकती है और देशभर में लोगों के इकट्ठा होने पर भी रोक लगा सकती है।''''

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PTI News Agency

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