कराची बम धमाकों के पीछे प्रतिबंधित आंतकी संगठनों का हाथ, मुठभेड़ में मारे गए 2 मुख्य संदिग्धः अधिकारी

punjabkesari.in Thursday, May 19, 2022 - 02:14 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः कराची में पिछले सप्ताह हुए दोहरे विस्फोट के दो मुख्य आरोपी पाकिस्तान के दक्षिणी शहर में हुई मुठभेड़ में मारे गए हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को इस आशय की जानकारी दी। सिंध आतंकवाद निरोधी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एजेंसी ने मौरीपुर में एक अभियान चलाया था, उसी दौरान दोनों आतंकवादी मारे गए। अधिकारी ने बताया, ‘‘अली दिनो और नवाब दोनों ही कराची के सदर और बोल्टन बाजारों में हुई बम विस्फोट की घटनाओं में मुख्य संदिग्ध थे।''

 

भीड़-भाड़ वाले सदर और बोल्टन बाजार में ये विस्फोट रिमोट कंट्रोल की मदद से किए गए थे। किसी समूह ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली है। अधिकारी ने बताया, ‘‘बोल्टन बाजार में हुए विस्फोट के मामले में एक संदिग्ध की पहचान हो गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए हम छापा मार रहे हैं।'' उन्होंने बताया कि दिनो और नवाब सिंध के सुदूर क्षेत्र के किसी अज्ञात राष्ट्रवादी/अलगाववादी समूह से जुड़े हुए थे।

 

 इससे पहले कराची के पुलिस प्रमुख गुलाम नबी मेमन ने मंगलवार को कहा कि कराची बम धमाकों के पीछे प्रतिबंधित संगठनों और अराजकतावादी समूहों का हाथ है। अधिकारियों ने कहा कि अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक ने स्काउट ऑडिटोरियम में कानून-व्यवस्था पर एक बैठक बुलाई, जिसमें कराची पुलिस के सभी रैंकों के अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें डीआईजी और एसएसपी भी शामिल थे। बैठक में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रणनीतियों पर चर्चा की गई। 

 

द न्यूज से बात करते हुए, अतिरिक्त आईजीपी मेमन ने कहा कि उनके शुरुआती निष्कर्षों से पता चला है कि प्रतिबंधित संगठनों और छोटे अराजकतावादी दलों का एक गठजोड़ बनाया गया था और वे हाल ही में कराची बम विस्फोटों में शामिल थे। हालांकि अभी तक किसी भी समूह ने सोमवार के हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।उन्होंने कहा कि उन्हें खरादर विस्फोट के संबंध में बम डिस्पोजल यूनिट (बीडीयू) की रिपोर्ट मिली थी और इसमें कहा गया था कि आतंकवादियों ने चार किलोग्राम स्थानीय रूप से निर्मित विस्फोटक का इस्तेमाल किया था जिसमें बॉल बेयरिंग थे और यह रिमोट कंट्रोल से लैस था।

 

एक सवाल पर मेमन ने कहा कि मंगलवार को उन्होंने जो बैठक की वह पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को उन्नत करने के लिए थी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा तंत्र में कराची के सभी जिलों में सब स्टेशन बनाना शामिल है और प्रत्येक जिले में दो सब स्टेशन शामिल हैं और सब स्टेशनों में रैपिड रिस्पांस फोर्स (आरआरएफ) और विशेष सुरक्षा इकाई (एसएसयू) के अधिकारी शामिल हैं। जो शहर में होने वाली किसी भी अप्रिय या आतंकवादी गतिविधि का तुरंत जवाब देंगे।

 


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Content Writer

Tanuja

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