म्यांमार में सोशल मीडिया पर बैन, सेना की फायरिंग में 8 प्रदर्शनकारियों की मौत व 48 पत्रकार गिरफ्तार

2021-05-04T15:57:55.883

इंटरनेशनल डेस्कः  म्यांमार में तख्तापलट के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को दबाने के लिए सेना  दमनकारी नीतियों को अपना रहा है। यहां सेना  द्वारा की गई गोलीबारी में 8 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। घटना रविवार को उस समय हुई जब लोग स्प्रिंग रिवॉल्यूशन के तहत सड़कों पर सेना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।  प्रदर्शन का नेतृत्व अब बौद्ध भिक्षु कर रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि हमारा मकसद दुनिया को म्यांमार में लोगों पर हो रहे अत्याचार की तरफ ध्यान दिलाना है।  लगातार यांगून और मंडले शहर में सेना की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे हैं।

 

लोकल मीडिया के मुताबिक वेटलेट शहर में तीन लोगों को गोली मारकर हत्या की गई है। वहीं, शान स्टेट की कुछ बस्ती वाले इलाकों में दो लोगों की हत्या की गई है। इससे पहले रविवार को यांगून के पुलिस बैरक के बाहर बम ब्लास्ट हुआ था। इसके अलावा शहर के कई इलाकों में ब्लास्ट की घटनाएं हुईं थीं। इनमें एक प्रशासनिक अधिकारी के घर के बाहर यह घटना हुई। इसमें एक शख्स के घायल होने की खबर आई थी। वहीं, अस्टिटेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिक्ल प्रिजनर (APPP) ने बताया कि देश में चल रहे अलग-अलग प्रदर्शन में अबतक 759 लोगों की जान चली गई है। 1 फरवरी को देश में सेना ने तख्तापलट कर दिया था।

 

इधर, सेना ने अब सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही सूचनाओं पर नियंत्रण करना शुरु कर दिया है। सेना ने कई पत्रकारों को भी गिरफ्तार किया है। इसके अलावा कई स्वतंत्र मीडिया पर भी बैन लगा दिया है। यहां चल रहे प्रदर्शनों को भी रोकने के लिए सेना दमन नीति अपनाई हुई है। मीडिया के मुताबिक  म्यांमार में मीडिया पर काफी दवाब है। उनके सोशल मीडिया और इंटरनेट चलाने पर सख्ती बरती जा रही है। 1 फरवरी के बाद से सोशल मीडिया पर सेना का नियंत्रण देखने में आया है। यहां के जुंटा ने फेसबुक, फेसबुक मैसेंजर और व्हाटसएप पर प्रतिबंध लगा दिया है। सेना फेसबुक और इंस्टाग्राम को भी अपने हिसाब से नियंत्रित कर रही है।

 

फेसबुक ब्लॉक करने के बाद से यह बड़ा कदम बताया जा रहा है। आधे से ज्यादा आबादी इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग मुख्य रूप से जानकारी देने के लिए करते हैं। इसके अलावा लेना ने यहां 15 फरवरी से देशभर में इंटरनेट पर बैन लगा रखा है। जो रात एक बजे से सुबह 9 बजे तक जारी रहता है। इसके अलावा 15 मार्च से मोबाइल इंटरनेट बैन कर रखा है। सिर्फ ब्रॉडबैंड से नेट चलाने पर रोक नहीं है। इस कदम ने आबादी के बड़े हिस्से पर असर किया है। अब उन्हें सिर्फ सेना के सोर्स से ही खबर प्रसारित की जा रही है।


Content Writer

Tanuja

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