कोरोना के विकराल रूप से बच सकती थी दुनिया, एक गलती सभी पर पड़ी भारी

2020-11-25T15:48:56.61

इंटरनेशल डेस्क: कोविड-19 वैश्विक महामारी को इतना विकराल रूप लेने से रोका जा सकता था, अगर 70 प्रतिशत लोगों ने भी लगातार मास्क पहना होता। एक अध्ययन में इसके साथ ही कहा गया है कि आम कपड़े से भी लगातार मुंह ढकने से संक्रमण फैलने की दर कम हो सकती है। 

PunjabKesari

मास्क बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री और उसे पहनने की अवधि के उसके असर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के संबंध में किए गए अध्ययनों की समीक्षा में यह बात सामने आई है। पत्रिका फिजिक्स ऑफ फ्लुइड्स में प्रकाशित इस अध्ययन में, फेस मास्क पर किए गए अध्ययनों का आकलन किया गया और इस पर महामारी विज्ञान की रिपोर्टों की समीक्षा कि क्या ये एक संक्रमित व्यक्ति के दूसरे लोगों को संक्रमित करने की संख्या को कम करते हैं।

PunjabKesari

अध्ययन में कहा गया,  अत्यधिक प्रभावकारी फेस मास्क, जैसे कि लगभग 70 प्रतिशत अनुमानित प्रभावकारिता वाले सर्जिकल मास्क को अगर 70 प्रतिशत लोगों ने भी सार्वजनिक स्थानों पर पहना होता तो, वैश्विक महामारी के प्रकोप को कम किया जा सकता था। अध्ययन के शोधकर्ताओं में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के संजय कुमार भी शामिल थे। कुमार ने कहा, यहां तक की आम कपड़े से भी लगातार मुंह ढकने से संक्रमण फैलने की दर कम हो सकती है।


Edited By

Anil dev

Recommended News