पाकिस्तानः ट्रेन में 2 यात्रियोें की गलती से लगी भीषण आग, 73 की मौत व 40 घायल

10/31/2019 4:13:38 PM

इस्लामाबादः  पाकिस्तान के पूर्वी पंजाब प्रान्त में कराची से रावलपिंडी जा रही एक ट्रेन में आग लग जाने से 73 यात्रियों की मौत हो गई है जबकि 40  घायल हो गए हैं। यह जानकारी जियो न्यूज ने दी। एक रेलवे अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि लियाकतपुर के शहरी इलाके के पास कराची-रावलपिंडी तेजगाम एक्सप्रेस ट्रेन में आग लग गई। अधिकारी ने कहा कि ट्रेन में सवार कोई यात्री अपने साथ गैस सिलेंडर लिए चल रहा था जिसमें विस्फोट होने के चलते यह दुर्घटना हुई।  हादसा रहीम यार खान शहर के नजदीक लियाकतपुर में गुरुवार सुबह हुआ।

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जानकारी के मुताबिक, यात्री ट्रेन में नाश्ता बना रहे थे जब विस्फोट हुआ। इस डिब्बे से जुड़े तीनों कोचों में भी भीषण आग लग गई. पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने बताया 'दो लोग गैस स्टोव पर खाना बना रहे थे। खाना बनाते वक्त वो तेल का इस्तेमाल भी कर रहे थे, जिससे आग और भड़की। लोग लंबी यात्रा के दौरान अपने खाने का इंतज़ाम करने के लिए साथ में स्टोव लेकर सफर करते हैं।' वहीं, जिला बचाव सेवा के हेड बारिक हुसैन ने कहा कि ज्यादातर मौतें जलती ट्रेन के डब्बों से बाहर कूदने की वजह से हुई हैं।

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 घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग से ट्रेन के तीन डिब्बे जलकर खाक हो गए हैं।  आग इतनी भीषण थी कि जल्द ही अन्य बोगियों तक पहुंच गई। जिस समय आग लगी उस समय यात्री सोए हुए थे जिससे उन्हें भागने का मौका भी नहीं मिला। आग लगने के बाद दमकल और स्थानीय पुलिस वहां पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। रेलमंत्री शेख रशीद अहमद ने कहा कि चलती ट्रेन में कुछ यात्री दो गैस चूल्हों पर नाश्ता बना रहे थे। इस दौरान सिलेंडर फट गए जिसके कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि ट्रेन में खाना बनाना गैरकानूनी है। उन्होंने बताया कि गैस सिलेंडर छोटे थे। अहमद के अनुसार मारे गए लोगों में तब्लीगी जमात (इस्लामी प्रचारक) के लोग शामिल थे जो एक बड़े आयोजन के लिए लाहौर जा रहे थे। 

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तब्लीगी जमात के पदाधिकारियों ने रेलमंत्री के दावे को किया खारिज
हालाँकि तब्लीगी जमात के पदाधिकारियों ने रेलमंत्री के दावे को खारिज करते हुए कहा कि धमाका शार्ट सर्किट के कारण हुआ। उन्होंने कहा कि कुछ घायल यात्रियों के अनुसार उन्होंने बुधवार रात को शार्ट सर्किट की गंध के बारे में रेल अधिकारियों को बताया था लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया जिसके कारण गुरुवार की सुबह हादसा हुआ। रेलमंत्री ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि 40 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त करने के प्रयास जारी है। लियाकतपुर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक नदीम जिया ने कहा कि अधिकतर शव इस हालत में थे कि उनकी पहचान नहीं की जा सकी।

 

उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान डीएनए जाँच से की जाएगी। सेना के एक बयान में कहा गया है कि राहत कार्य जारी है और घायलों को अस्पताल पहुँचाने के लिए हेलीकाप्टर की मदद ली जा रही है।रेलमंत्री ने स्वीकार किया है कि गैस के सिलिंडरों को ले जाने से न रोक पाना प्रशासन की गलती है। उन्होंने दुर्घटना की जाँच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजन को मुआवजे के तौर पर 15 लाख और घायलों को पांच लाख रुपए दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस हादसे पर दुख जताया और घायलों को उचित उपचार मुहैया करवाने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।
 


Tanuja

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