BRI के MoU से हुआ बड़ा खुलासा- चीन की गिद्ध दृष्टि अब नेपाल की अर्थव्यवस्था पर

punjabkesari.in Tuesday, Jun 28, 2022 - 05:01 PM (IST)

बीजिंगः चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) परियोजनाओं पर चीन और नेपाल के बीच  हुए MoU से चीन की साजिश को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। MoU की प्रति ने चीन और उसके द्वारा नेपाल की अर्थव्यवस्था पर अपनी मुद्रा और मुक्त व्यापार प्रावधानों के साथ हावी होने के प्रयासों का पर्दाफाश किया है। हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) की एक्सेस कापी से पता चलता है कि चीन  इन परियोजनाओं के माध्यम से नेपाल में आर्थिक आधिपत्य जमाना चाहता है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार MoU पर हस्ताक्षर करने के इतने वर्षों के बाद भी इन BRI परियोजनाओं को क्षितिज पर कहीं नहीं देखा गया।

 

विशेष रूप से  मई 2017 में नेपाल और चीन की सरकार ने चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। हालांकि, इन सभी पांच वर्षों में न तो नेपाल और न ही चीन ने दस्तावेज को सार्वजनिक किया। इस बीच, खबरहुब ने दोनों देशों के बीच व्यापक रूप से चर्चित बीआरआइ पर एमओयू की एक प्रति प्राप्त की है।नेपाल के स्थानीय मीडिया आउटलेट द्वारा MoU की सामग्री के विश्लेषण के अनुसार, चीन ने अपने बीआरआइ समझौते के माध्यम से मुक्त व्यापार कनेक्टिविटी के नाम पर नेपाल में अपने आर्थिक आधिपत्य, शर्तों और निहित स्वार्थ को थोपने का प्रयास किया है।

 

MoU के दस्तावेजों से पता चला है कि BRI पर नेपाल और चीन दोनों द्वारा हस्ताक्षरित दस्तावेज चीन की ओर से एक स्पष्ट इशारा है कि वह न केवल नेपाल की अर्थव्यवस्था पर हावी होने, उस पर कब्जा करने और नेपाल में अपनी मुद्रा का उपयोग करने की कोशिश कर रहा है, बल्कि यह भी कोशिश कर रहा है कि बिना किसी सीमा शुल्क के माल को नेपाल में बेचा जा सके।दस्तावेज में BRI के सिद्धांतों के तहत 'पारस्परिक रूप से लाभकारी क्षेत्रों पर सहयोग को बढ़ावा देने' के नाम पर नेपाल में अपना एकाधिकार थोपने का चीन का प्रयास स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 


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Content Writer

Tanuja

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