बाइडन ने जिनपिंग से की बात, अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच किया फोन

punjabkesari.in Friday, Sep 10, 2021 - 11:24 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बृहस्पतिवार को चीन के अपने समकक्ष शी चिनफिंग से फोन पर बात की। विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ती ''प्रतिस्पर्धा'' के बीच व्हाइट हाउस ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच एक व्यापक, रणनीतिक चर्चा हुई जिसमें उन्होंने उन क्षेत्रों पर बात की जहां दोनों देशों के हित मिलते हैं, और उन क्षेत्रों पर भी जहां दोनों देशों के हित, मूल्य और दृष्टिकोण भिन्न हैं।

दोनों नेताओं के बीच बात ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी पक्ष में इस बात को लेकर निराशा है कि बाइडन प्रशासन के कार्यकाल के शुरुआती दिनों में दोनों देशों के नेताओं के शीर्ष सलाहकारों के बीच उच्च स्तरीय संपर्क का कोई नतीजा नहीं निकला। बाइडन के पदभार संभालने के बाद दोनों नेताओं के बीच दूसरी बार बात हुई है। इस समय दोनों देशों के बीच असहमति वाले कई मुद्दे हैं, जिसमें व्यापार, तकनीक, मानवाधिकार और दक्षिण चीन सागर में बीजिंग का आक्रामक रुख समेत अन्य मुद्दे शामिल हैं। कॉल करने के पीछे बाइडन का जो उद्देश्य था वह इन मुद्दों में से किसी पर केंद्रित नहीं था। इसके बजाय यह संवाद अमेरिका-चीन संबंधों के लिए आगे के रास्ते की चर्चा करने पर केंद्रित था। दोनों नेताओं के बीच फोन पर 90 मिनट तक बात हुई।

व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा, ‘‘दोनों नेताओं के बीच एक व्यापक, रणनीतिक चर्चा हुई जिसमें उन्होंने उन क्षेत्रों पर बात की जहां हमारे हित मिलते हैं, और उन क्षेत्रों पर जहां हमारे हित, मूल्य और दृष्टिकोण भिन्न हैं।'' बयान के मुताबिक, '' इस बातचीत के दौरान दोनों नेता विभिन्न मुद्दों पर ‘खुले एवं सीधे' संवाद पर सहमत हुए हैं। जैसा कि राष्ट्रपति बाइडन ने स्पष्ट किया है कि यह चर्चा अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा को जिम्मेदारी से प्रबंधित करने के लिए अमेरिका द्वारा जारी प्रयास का हिस्सा थी।''

सीएनएन ने एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के हवाले से बताया कि दोनों देशों के नेताओं के बीच बातचीत ''सम्मानजनक'' और ''सौहार्दपूर्ण'' माहौल में हुई। व्हाइट हाउस ने बयान में कहा कि राष्ट्रपति बाइडन ने हिंद-प्रशांत और दुनिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि के मद्देनजर अमेरिका के नजरिए को रेखांकित किया और दोनों नेताओं ने प्रतिस्पर्धा के तनाव में तब्दील नहीं होना सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों की ओर से जिम्मेदार रवैये पर चर्चा की। व्हाइट हाउस को उम्मीद है कि बढ़ते मतभेदों के बावजूद दोनों पक्ष जलवायु परिवर्तन और कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु संकट को रोकने सहित साझे सरोकार के मुद्दों पर मिलकर काम कर सकते हैं।

वहीं, बाइडन और शी के बीच हुई वार्ता को लेकर बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि चीन और अमेरिका क्रमशः सबसे विकासशील और सबसे बड़े विकसित देश हैं। उन्होंने कहा, '' दोनों देशों के संबंध दुनिया के भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं। जब चीन और अमेरिका सहयोग करते हैं तो दोनों देशों के साथ ही विश्व को भी इसका फायदा होगा और अगर चीन और अमेरिका के बीच टकराव के हालात होंगे तो दोनों देशों के साथ ही पूरी दुनिया को इसका नुकसान होगा।'' उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कई आम चुनौतियों का सामना करने के बीच चीन और अमेरिका को व्यापक दृष्टिकोण दिखाने और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को निभाने की जरूरत है।

प्रवक्ता ने कहा कि दोनों राष्ट्रपति इस बात पर सहमत हुए कि चीन-अमेरिका के संबंधों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनके बीच गहन संवाद द्विपक्षीय संबंधों को सही दिशा में ले जाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। चीन ने अमेरिकी दबाव का विरोध करते हुए बार-बार कहा है कि जब तक बाइडन चीन के आंतरिक मामलों की आलोचना बंद नहीं करते तब तक बीजिंग व्यापक रूप से असहयोग जारी रख सकता है। बाइडन के करीब आठ महीने के कार्यकाल में उन्होंने और उनके सहयोगियों ने कई चिंताजनक मुद्दों पर चीन से संवाद के प्रयास किए और अन्य मुद्दों के लिए साझा आधार तलाशने की कोशिश की लेकिन यह एक नाकाम रणनीति साबित हुई।


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Content Writer

Yaspal

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