अफगान राजनयिकों को वापस बुलाने पर खफा पाकिस्तान, कहा- फैसला ‘दुर्भाग्यपूर्ण, खेदजनक''

2021-07-19T11:55:35.333

इस्लामाबादः पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी के कथित अपहरण एवं उत्पीड़न के बाद इस्लामाबाद से अपने राजदूत और अन्य वरिष्ठ राजनयिकों को वापस बुलाने के अफगानिस्तान सरकार के फैसले को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण एवं खेदजनक'' बताया है और उससे अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने रविवार रात जारी एक बयान में कहा कि पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत नजीबुल्ला अलीखिल की 26 वर्षीय बेटी का कथित रूप से अपहरण किए जाने और उसे यातना दिए जाने के मामले की जांच की जा रही है और देश के प्रधानमंत्री इमरान खान के निर्देश पर मामले पर उच्चतम स्तर पर नजर रखी जा रही है।

 

विदेश कार्यालय ने कहा, ‘‘अपने राजदूत और वरिष्ठ राजनयिकों को पाकिस्तान से वापस बुलाने का अफगानिस्तान सरकार का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण एवं खेदजनक है।'' उसने कहा कि राजदूत, उनके परिवार और पाकिस्तान में अफगानिस्तान के दूतावास और महावाणिज्य दूतावास के कर्मियों की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। पाकिस्तान के विदेश सचिव ने अफगान दूत से रविवार को मुलाकात की और उन्हें राजनयिकों की सुरक्षा के लिए सरकार के उठाए कदमों के बारे में बताया तथा पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

 

बयान में कहा गया है, ‘‘हमें उम्मीद है कि अफगानिस्तान सरकार अपने इस फैसले पर फिर से विचार करेगी।'' अज्ञात लोगों ने अलीखिल की बेटी सिलसिला अलीखिल का शुक्रवार को इस्लामाबाद में अपहरण किया, उन्हें प्रताड़ित किया और उनके साथ ‘‘मारपीट'' की। सिलसिला को उस वक्त अगवा किया गया, जब वह किराए के वाहन से कहीं जा रही थीं। मुक्त करने से पहले उन्हें कई घंटे बंधक बनाए रखा गया। सिलसिला राजधानी के एफ-9 पार्क इलाके में पाई गई थीं और उनके शरीर पर चोट के निशान थे।

 

पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख रशीद ने निजी टेलीविजन चैनल ‘जियो न्यूज' को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि सिलसिला का अपहरण नहीं किया गया था और उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान को ‘‘बदनाम'' करने के लिए एक ‘‘अंतरराष्ट्रीय गिरोह'' ने इस घटना को अंजाम दिया है। इससे पहले, दिन में रशीद ने दावा किया था कि पाकिस्तान अपहरणकर्ताओं को जल्द गिरफ्तार कर लेगा। 
 

 


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Content Writer

Tanuja

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