अमेरिका से सोना समेट रहा नीदरलैंड; 86 टन गोल्ड लंदन पहुंचाया, बताई बड़ी वजह (Video)
punjabkesari.in Saturday, Sep 05, 2026 - 04:41 PM (IST)
Amsterdam: नीदरलैंड के केंद्रीय बैंक De Nederlandsche Bank (DNB) ने अपने गोल्ड रिजर्व को लेकर बड़ा रणनीतिक बदलाव किया है। बैंक ने उत्तरी अमेरिका से करीब 86 मीट्रिक टन सोना हटाकर उसका बड़ा हिस्सा लंदन में स्थानांतरित किया है। बैंक के मुताबिक, इस कदम का मकसद संभावित वित्तीय संकट के दौरान सोने को ज्यादा आसानी से और तेजी से इस्तेमाल करने योग्य बनाना है। DNB ने करीब 59 टन सोना न्यूयॉर्क में बेचा और उसके बराबर मात्रा में सोना लंदन में खरीदा। इसके अलावा 27 टन से ज्यादा सोना भौतिक रूप से नीदरलैंड के ज़ीस्ट स्थित कैश सेंटर के जरिए स्थानांतरित किया गया।
THE NETHERLANDS 🇳🇱
— GP Q (@argosaki) September 4, 2026
🇳🇱 NETHERLANDS GOLD MOVE
This is an interesting development worth watching.
The Dutch central bank, De Nederlandsche Bank (DNB), announced that approximately 86 tonnes of gold were repositioned during 2026, with more of its reserves being held in London.
DNB… pic.twitter.com/SxOMeChfsf
लंदन को क्यों चुना ?
लंदन दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड ट्रेडिंग केंद्रों में शामिल है। बैंक ऑफ इंग्लैंड में रखा बुलियन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार के लिए जरूरी मानकों को पूरा करता है। इसका मतलब है कि जरूरत पड़ने पर वहां रखे सोने को अपेक्षाकृत तेजी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस्तेमाल किया जा सकता है। DNB ने बताया कि इस स्थानांतरण से उसके गोल्ड रिजर्व की ट्रेडेबिलिटी और तत्काल उपलब्धता बेहतर होगी। खासकर किसी संभावित सिस्टमेटिक क्राइसिस यानी बड़े वित्तीय संकट के दौरान यह व्यवस्था बैंक के लिए उपयोगी हो सकती है।
इस बदलाव के बाद लंदन नीदरलैंड के गोल्ड रिजर्व का सबसे बड़ा स्टोरेज हब बन गया है। बैंक की रणनीति का फोकस सोने को सिर्फ सुरक्षित रखने के बजाय ऐसी जगह रखने पर है, जहां जरूरत पड़ने पर उसे तेजी से बाजार में इस्तेमाल किया जा सके। हालांकि, इस कदम को सीधे तौर पर अमेरिका पर अविश्वास या किसी तत्काल आर्थिक संकट का संकेत मानना उचित नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, DNB ने इसे मुख्य रूप से अपने गोल्ड रिजर्व को ज्यादा व्यापार योग्य और संकट के समय तुरंत उपलब्ध रखने की रणनीति बताया है।
