ईरानी विदेश मंत्री ने ट्रंप के होर्मुज प्लान का उड़ाया मजाक, सोशल मीडिया पर कहा- "ये तो बहुत ज्यादा हो गया"
punjabkesari.in Tuesday, Jul 14, 2026 - 03:12 PM (IST)
International Desk: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump )द्वारा इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने ट्रंप की योजना का मजाक उड़ाते हुए कहा कि "20 प्रतिशत तो बहुत ज्यादा है। अगर किसी को शुल्क लेना है, तो ईरान कम और उचित दर पर यह सेवा देगा।" अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ट्रंप इस बात में सही हैं कि जो देश होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करता है, उसे इसके बदले भुगतान मिलना चाहिए।हालांकि उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ईरान हमेशा से इस समुद्री मार्ग का संरक्षक रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने लिखा कि 20 प्रतिशत शुल्क बहुत अधिक है और ईरान इससे कहीं कम एवं उचित शुल्क रखेगा।
POTUS is absolutely right. Whoever provides secure and safe passage of commercial vessels through the Strait of Hormuz should be compensated for this service.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) July 13, 2026
Iran has always been the GUARDIAN of the Strait and will remain so FOREVER.
20% is of course too much. We will be fair
क्या है ट्रंप की योजना?
सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका खुद को "होर्मुज स्ट्रेट का संरक्षक" मानेगा और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित गुजरने वाले जहाजों से 20 प्रतिशत सुरक्षा शुल्क वसूलेगा।ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खुला रहेगा, लेकिन ईरान से जुड़े जहाजों और ग्राहकों को इस मार्ग का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी।उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र की सुरक्षा पर अमेरिका का भारी खर्च होता है, इसलिए अन्य देशों को भी इसकी लागत में योगदान देना चाहिए।
होर्मुज पर विवाद क्यों ?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इसी कारण इस जलमार्ग पर अमेरिका और ईरान दोनों अपना प्रभाव बनाए रखना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
IRGC ने दी चेतावनी
एक दिन पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने दावा किया था कि विदेशी सैन्य हस्तक्षेप के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा स्थिति बिगड़ गई है।IRGC ने चेतावनी दी कि अगली सूचना तक यह मार्ग बंद रहेगा और जब तक अमेरिका क्षेत्र में अपना सैन्य हस्तक्षेप समाप्त नहीं करता, तब तक किसी भी जहाज को यहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विश्लेषकों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है। यदि इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होती है, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
