आपका राशिफलः 22 फरवरी, 2020

2020-02-24T07:16:54.317

Follow us on Twitter

आज शनिवार 22 फरवरी, 2020 फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। चंद्र मकर राशि में रहने वाले हैं। शास्त्रों के अनुसार चतुर्दशी के स्वामी स्वयं परमेश्वर शिव हैं। शास्त्र गर्ग संहिता के अनुसार चतुर्दशी तिथि चन्द्रमा ग्रह की जन्म तिथि है। इस तिथि को शिव पूजन व व्रत करना उत्तम रहता है। चतुर्दशी की अमृतकला को स्वयं परमेश्वर शिव ही पीते हैं। चतुर्दशी तिथि को क्रूरा कहा गया है। इस तिथि की दिशा पश्चिम है। पौराणिक मतानुसार महाशिवरात्रि पर्व वैदिक काल से ही मनाया जाता है।

मान्यतानुसार आज शिव-शक्ति के मिलन का पर्व है। महाशिवरात्रि के प्रदोषकाल में शंकर-पार्वती का विवाह हुआ था। प्रदोष काल में महाशिवरात्रि तिथि में सर्व ज्योतिर्लिंगों का प्रादुर्भाव हुआ था व सर्वप्रथम ब्रह्मा और विष्णु ने महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पूजन किया था। पौराणिक मान्यतानुसार दिव्य ज्योर्तिलिंग का उदभव चतुर्दशी तिथि को माना जाता है व महाशिवरात्रि को शिव उत्पत्ति के रूप में मानते हैं। मध्य रात्रि के दौरान किए जाने वाले शिवरात्रि पूजन को निशिता कहते हैं। संध्या के समय किए जाने वाले शिवरात्रि पूजन को प्रदोष कहते हैं। शास्त्रनुसार चैत्र शिवरात्रि के पूजन, व्रत व उपायों से सर्व मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, हर मुश्किल कार्य सुगम होता है व सदा निरोगी काया प्राप्त होती है। अपना आज का राशिफल जानने के लिए यहां क्लिक करें। 

नक्षत्र- श्रवण
ऋतु- वसंत
अयन- उत्तरायण
राहुकाल- 9.49 से 11.13 
दिशाशूल- पूर्व

विशेष पूजन: संध्या काल में शिवलिंग का पंचोपचार पूजन करें। शुद्ध घी का दीप करें, सुगंधित धूप करें, पीले कनेर के फूल चढ़ाएं, पीले चंदन से त्रिपुंड बनाएं, केसर युक्त चावल की खीर का भोग लगाएं। इस विशेष मंत्र को 108 बार जपें। इसके बाद भोग किसी गरीब को बांट दें। 

विशेष मंत्र: ॐ त्र्यम्बकाय नमः॥


Niyati Bhandari

Related News