3 माह में नहीं बना एन.एच.एम. कर्मियों के लिए स्थाई नीति ड्राफ्ट, आंदोलन की चेतावनी

punjabkesari.in Sunday, May 08, 2022 - 11:36 AM (IST)

ऊना(विशाल स्याल): राज्य स्वास्थ्य समिति (एन.एच.एम.) अनुबंध कर्मचारी संघ ने प्रदेश भाजपा सरकार पर वायदाखिलाफी करने का आरोप लगाया है। संघ ने कहा है कि स्थाई नीति बनाने के लिए 5 सदस्यीय टीम वायदे अनुसार 3 माह के भीतर ड्राफ्ट तैयार नहीं कर सकी है जिसका नुक्सान एन.एच.एम. अनुबंध कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। यहां जारी बयान में संघ के प्रदेशाध्यक्ष अमीं चंद शर्मा व महासचिव गुलशन कुमार ने कहा कि 3 माह पहले स्थाई नीति की मांग को लेकर एन.एच.एम. कर्मियों ने प्रदेश स्तरीय आंदोलन करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की थी जिसके बाद 3 फरवरी 2022 को सचिवालय शिमला में स्वास्थ्य मंत्री राजीव सहजल व स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में वार्ता हुई थी।

इस वार्ता में एन.एच.एम. के कर्मचारियों के लिए स्थाई निति का ड्राफ्ट तयार करने के लिए मिशन निदेशक की अध्यक्षता में एक 5 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया था। एन.एच.एम.कर्मियों को आश्वस्त किया गया था कि जब तक रेगुलर नहीं तब तक रेगुलर पे स्केल देने का वायदा किया था। 3 माह के अंतर्गत यह कमेटी हिमाचल प्रदेश सरकार को हिमाचल प्रदेश के बैस्ट मॉडल सर्व शिक्षा अभियान के ऊपर एक एन.एच.एम. के कर्मचारियों को स्थाई निति बनाने के लिए ड्राफ्ट तयार कर सरकार को भेजेगी ताकि सरकार इन कर्मचारियों का स्थाईकर्ण कर सके।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि 8 फरवरी 2022 को कमेटी की नोटिफिकेशन की गई थी परन्तु अभी तक कमेटी किसी भी प्रपोजल अंतिम प्रारूप नहीं दे पाई है। इससे यह तय है कि जो प्रपोजल 3 माह के अंदर सरकार को भेजना था वह अब इस कमेटी के प्रपोजल नहीं बना पाने से कर्मचारियों में खासी निराशा व्याप्त है। उन्होंने कहा कि 3 माह में कमेटी की मात्र 2 ही बैठकें अब तक हो पाई हैं। पहली वैठक 21 मार्च को और दूसरी बैठक 26 अप्रैल को हुई। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि कमेटी से सरकार जल्द से जल्द स्टेट्स रिपोर्ट ले और कमेटी को जल्द से जल्द प्रपोजल को अंतिम रूप देने के आदेश दिए जाएंं अन्यथा कर्मचारियों को दोबारा संघर्ष का रास्ता अख्तियार करना पड़ सकता है।


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News Editor

Surinder Kumar

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