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यूजीसी की नई गाइडलाइंस से DUTA नाखुश, कहा- स्टूडेंट्स के हितों की हुई अनदेखी

2020-07-07T12:49:40.423

नई दिल्ली- विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सितंबर तक एग्जाम कराने के यूजीसी के आदेश पर चर्चा हो रही है। इसी बीच दिल्ली यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ (डूटा) ने विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं को लेकर यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की नई गाइडलाइंस के प्रति नाखुशी जताई और कहा कि आयोग ने स्टूडेंट्स के हितों की पूरी तरह से अनदेखी की है। 

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डीयू शिक्षक संघ का कहना है कि इस फैसले के पीछे सिर्फ बिजनेस को बढ़ावा देना है। शिक्षक संघ पहले से ही ओपन बुक एग्जाम का विरोध कर रहा था। गौरतलब है कि यूजीसी की नई गाइडलाइंस में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में फाइनल ईयर की परीक्षा सितंबर के अंत में आयोजित करने का फैसला किया गया है। जबकि स्टूडेंट्स और पेरेंट्स सोशल मीडिया पर कोरोना महामारी का हवाला देकर लगातार परीक्षाएं रद्द करने की मांग कर रहे थे। 

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डूटा ने कहा कि गृहमंत्रालय की ओर जारी आदेश, जबकि कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, दिखाता है कि किस तरह से लाखों छात्रों की मानसिक और शारीरिक हित से समझौता किया गया है।  डूटा ने कहा, 'यह हैरान करने वाला है कि डीयू जैसे प्रमुख विश्वविद्यालय ने भी जहां छात्र सपनों और महत्वाकांक्षाओं के साथ आते हैं, उनका ख्याल नहीं रखा है.'

कुछ समय पहले आधा दर्जन से राज्यों जैसे पंजाब, राजस्थान में परीक्षाएं कैंसिल कर दी गई हैं। कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने भी ऐसा किया है जिसमें आईआईटी बॉम्बे तक शामिल हैं।
 


Author

Riya bawa

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