IAS Success Story: परीक्षा में तीन बार असफलता से भी नहीं मानी हार, 21वीं रैंक हासिल कर किया सपना पूर

2020-01-27T10:40:11.123

नई दिल्ली: कुछ के सपने साकार हो जाते हैं, तो कुछ उसे सच करने की कोशिश में लगे रहते हैं और जब किसी की बरसों की मेहनत, दिनरात जागने की तपस्या और हर पल संघर्ष, एक बड़ी सफलता में बदलती है, तो अलग ही ख़ुशी महसूस होती है। वर्जीत वालिया की कहानी मुश्किलों से जूझते नौजवानों के लिए एक प्रेरणा है। आईआईटी दिल्ली के स्टूडेंट वर्जित वालिया यूपीएससी की परीक्षा में तीन बार नाकाम हुए, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लक्ष्य को पाने के लिए लगातार मेहनत करते हैं। 

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2017 में यूपीएससी परीक्षा में वर्जित वालिया को कामयाबी मिली। उन्होंने ऑल इंडिया में 21वीं रैंक हासिल कर लोगों को दिखा दिया कि मेहनत कभी बर्बाद नहीं जाती। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा में उनका सफर काफी उतार चढ़ाव से भरा था। ऐसे की यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल ---

2013 में शुरू की थी तैयारी
वालिया 2013 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हुए थे, तब उन्होंने सोशलॉजी को ऑप्शनल सब्जेक्ट के रूप में चुना था। परीक्षा को निकालने के लिए वर्जीत ने कोचिंग की और पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा में सफल भी रहे, लेकिन मेन एग्जाम नहीं निकाल पाए। इस असफलता के बाद वर्जीत ने खुद का मूल्यांकन किया और परीक्षा की तैयारी में दोबारा जुट गए। 

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वर्जित ने एक बार फिर रणनीति बदली और सोशलॉजी को छोड़कर फिजिक्स को ऑप्शनल सब्जेक्ट बनाया। इस बार देश में उनकी 577वीं रैंक आई थी, लेकिन यह उम्मीद के मुताबिक बहुत ही कम थी। तैयारी के दौरान उनका चयन इंडियन रेलवे में ट्रैफिक सर्विस में चयन हो गया। वर्जित ने इस नौकरी को ज्वॉइन किया, लेकिन उनका मन यहां भी नहीं लगा। 

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वर्जित यूपीएससी का एग्जाम लगातार देते रहे, लेकिन उनको यहां भी सफलता नहीं मिली। वर्जित वालिया तीन बार यूपीएससी के एग्जाम में असफल हो चुके थे लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।  

तीन-तीन बार असफल हुए, फिर हासिल की 21वीं रैंक
तीन-तीन बार असफल होने पर वर्जीत को अब एग्जाम और तैयारी की रणनीति के बारे में पता चल गया था, अब की बार वर्जीत पूरी तैयारी के साथ मैदान में थे। चौथी बार वर्जित ने रणनीति में कई तरह के बदलाव किए। आखिर इस बार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने देश में 21वीं रैंक हासिल की और उनका भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयन हुआ। 


Author

Riya bawa

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