VIDEO: ''क्लासप्लस'' का मिशन पूरे भारत के शिक्षकों को कोचिंग ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पहचान बनाने में मदद करना है

2021-09-11T19:25:26.857

नई दिल्ली। पिछले कुछ साल शिक्षकों के लिए चुनौतियों से भरे रहे हैं। उन्हें इंटरनेट की दुनिया को और बेहतर ढंग से समझना पड़ा क्योंकि यही वह भाषा है जिसे नई पीढ़ी समझती और बोलती है। शिक्षकों को इसे समझने और अपनी ऑनलाइन पहचान बनाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी। शिक्षकों के इन सभी प्रयासों के बाद, अब यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम उनकी इस यात्रा में मदद और समर्थन करें।

क्लासप्लस की यह फिल्म शिक्षक और छात्र के बीच सच्चे और नि:स्वार्थ बंधन को दिखाती है। अपने शिक्षकों के मूल्यों और उनकी सिखाई बातों से जुड़े रहते हुए, छात्र अपने शिक्षक के चेहरे पर उपलब्धि, प्रेम और खुशी की सबसे बड़ी मुस्कान लाते हैं क्योंकि वे गुरुदक्षिणा के रूप में अपने शिक्षक के साथ "गुरुकुल संस्थान" का ऐप साझा करते हैं।

इस तरह क्लासप्लस ने सूरज को उदय होते देखा। आज यह भारत की अग्रणी एडु-टेक कंपनियों में से एक है। क्लासप्लस का मिशन पूरे भारत के शिक्षकों को कोचिंग ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पहचान बनाने में मदद करना है। यह ऐप शिक्षकों की अपनी व्हाइट लेबल कोचिंग ऐप है। जो उच्च स्तर की तकनीक से लैस है और जिससे शिक्षक भविष्य के लिए तैयार हो रहे हैं। 

इस मिशन के तहत क्लासप्लस ने एक कदम पीछे जाकर छात्रों को भी यह एहसास कराया कि एक शिक्षक उनके जीवन में क्या भूमिका निभाता है। सीखने की नींव रखने से लेकर उसके प्रति प्रेम विकसित करने तक। शिक्षक हमेशा अपने छात्रों के लिए चीज़ों को आसान बनाने के अतिरिक्त प्रयास करते हैं। अब उन छात्रों की बारी है जहां वह क्लासप्लस के साथ मिलकर शिक्षकों के सामने खड़ी सबसे बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए शिक्षकों के अपने कोचिंग ऐप से ऑनलाइन पहचान बनाने में मदद कर सकें।

अंत में जैसे की फिल्म की वो लाइन है जो हम सब में बस गई है - "हो जिंदगी की इक्वेशन मुश्किल ही सही, सॉल्यूशन तक हम पहुुंच कर दिखाएंगे"।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Deepender Thakur

Recommended News