Saturn transit 2022: धनु राशि वालों के लिए कैसा रहेगा शनि का राशि परिवर्तन !

punjabkesari.in Wednesday, Jan 26, 2022 - 08:41 AM (IST)

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Shani transit 2022: शनिदेव इस साल यानी साल 2022 में दो बार अपना राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। शनि देव हर अढ़ाई साल के बाद अपनी राशि बदलते हैं और ज्योतिष के राशि चक्र की सभी 12 राशियों के भ्रमण में 30 साल लगाते हैं। एक राशि में अपना सफर पूरा करने के बाद शनि देव को उसी राशि में आने में 30 साल लग जाते हैं।

PunjabKesari Shani transit

शनिदेव 29 अप्रैल 2022 को सुबह 7 बजकर 52 मिनट पर मकर से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। शनि 30 साल बाद अपनी कुम्भ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं और उनके कुंभ में प्रवेश करते ही कर्क और वृश्चिक वालों पर शनि की ढैय्या शुरू हो जायेगी। साथ ही मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी।

29 अप्रैल 2022 को शनि देव कुंभ राशि में आने के बाद सभी 12 राशियों को प्रभावित करेंगे। इस बार विलक्षण संयोग भी बन रहा है कि 29 अप्रैल को मकर राशि से कुंभ राशि में जाने के अढाई महीने बाद 12 जुलाई 2022 को फिर उल्टी गति चलते हुए यानी वक्री अवस्था में शनिदेव फिर से मकर राशि में आ जाएंगे और 17 जनवरी 2023 तक मकर राशि में रहने के बाद फिर से कुंभ राशि में जाएंगे। इस तरह वर्ष 2022 में पहले 29 अप्रैल और फिर 12 जुलाई को शनि के दो बार राशि परिवर्तन से सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस बारे में आपको बताया जाएगा।

हमारे ज्योतिष में और नवग्रहों में शनि देव को एक प्रमुख स्थान हासिल है। इन्हें न्याय का देवता और कर्म का कारक माना गया है। ऐसा माना जाता है कि शनि देव जिस पर प्रसन्न हो जाएं, उसे रंक से राजा बना देते हैं और जिन पर उनकी क्रूर दृष्टि पड़ती है, उस व्यक्ति की मुसीबतें बढ़ जाती हैं। ऐसा भी माना जाता है कि हमारे इसी जीवन में शनि हमारे कर्मों के मुताबिक हमें फल देते हैं।

जन्म कुंडली में शनि की शुभ स्थिति जहां लाभ प्रदान करती है, वहीं अशुभ स्थिति जीवन में दिक्कत, परेशानी और आर्थिक संकटों का कारण भी बनती है। यही कारण है कि शनि देव को हर कोई शांत रखना चाहता है और हर कोई शनि की कृपा पाने को लालायित रहता है।

शनि देव नाराज होने पर धन में कमी लाते हैं, धन हानि कराते हैं। जॉब और बिजनेस में दिक्कतें पैदा करते हैं। यहां तक कि कई बार जॉब से भी व्यक्ति को हाथ धोना पड़ता है। इस दौरान रोग भी घेर लेते हैं, दांपत्य जीवन में भी दिक्कतें आने लगती हैं। व्यक्ति की जमा पूंजी नष्ट हो जाती है। कर्ज बढ़ जाता है।

शनिदेव अपनी साढ़ेसाती, ढैया और अपनी महादशा व अंर्तदशा में व्यक्ति को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं। शनि देव व्यक्ति के कर्मों के आधार पर फल प्रदान करने वाले देवता के रूप में जाने जाते हैं।

वैदिक ज्‍योतिष में शनि को सबसे मंद गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है और यह एक राशि में अढ़ाई साल तक रहते हैं। यही कारण है कि शनि का प्रभाव व्यक्ति अधिक समय तक रहता है।

29 अप्रैल 2022 को जब शनि देव अपना राशि परिवर्तन करेंगे तो धनु राशि वालों के लिए उनका राशि परिवर्तन कैसा रहेगा ? धनु राशि वाले क्या खोएंगे, क्या पाएंगे ..?  उनके जीवन में क्या अच्छा रहेगा ? कहां दिक्कत रहेगी ? शनि धनु राशि वालों को कैसे फल प्रदान करेंगे और कहां सचेत रहना होगा।

धनु राशि वालों के लिए शनिदेव साल 2022 की शुरुआत से लेकर 29 अप्रैल तक आपके दूसरे भाव यानि धन भाव से गोचर कर रहे हैं। धनु राशि वालों के लिए शनि दूसरे भाव व तीसरे भाव में अपना प्रभाव देंगे। दूसरा भाव धन सुख का है और तीसरा भाव पराक्रम स्थान है। इसे मान-सम्मान यश और अपयश का स्थान भी कहा जाता है। इस अवधि में आप शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव में भी रहेंगे। दूसरे स्थान पर गोचर करते हुए शनिदेव आप के चौथे, आठवें और ग्यारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे। चौथा स्थान माता व सुख संपत्ति का स्थान है। आठवां स्थान जीवन साथी से सुख, जनन अंगों से सुख और एक्सीडेंट का स्थान भी है जबकि कुंडली का 11 वां भाव लाभ और बड़े भाई का स्थान भी माना जाता है।

शनि के इस गोचर के दौरान धनु राशि के जातकों को आर्थिक रूप से लाभ मिल सकता है। इस दौरान आपकी आमदनी में वृद्धि के साथ ही आप अधिक बचत करने में सक्षम रह सकते हैं। विदेश जाने की योजना बना रहे जातकों को इस अवधि में कईं मौके मिल सकते हैं। यदि आप किसी संपत्ति में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो इस दौरान आपको सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान आपके संबंध अपने परिवार से विशेष रूप से अपनी मां के साथ अधिक मजबूत रह सकते हैं। एकल जीवन व्यतीत कर रहे लोगों को इस दौरान अच्छे प्रस्ताव मिल सकते हैं। मनचाही जगह पर ट्रांसफर होने के योग भी है । प्रमोशन व वेतन वृद्धि के योग भी बनेंगे।

29 अप्रैल 2022 से 12 जुलाई, 2022 तक शनि देव आपके तीसरे भाव में गोचर करेंगे, जो कि आपकी धार्मिक प्रवृत्ति में वृद्धि कर सकते हैं। इस दौरान आप ढाई महीने के लिए साढ़ेसाती से मुक्त भी हो जाएंगे। शनिदेव तीसरे भाव में गोचर करते हुए आपके 5वें, 9वें  और बारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।

आपका झुकाव इस दौरान शास्त्रों को जानने की ओर रहने के अतिरिक्त आप धार्मिक कार्यों में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले सकते हैं। यह अवधि गर्भ धारण की योजना बना रहीं विवाहित महिलाओं के लिए भी अनुकूल रह सकती है।

वहीं 12 जुलाई 2022 में एक बार फिर शनि आपके दूसरे भाव में गोचर करेंगे और आप एक बार फिर शनि की साढ़ेसाती की चपेट में आ जाएंगे लेकिन शनि की उतरती हुई साढ़ेसाती बहुत शुभ फल देती है, जिससे आपको इस दौरान किसी प्रकार का आकस्मिक लाभ या आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। यह अवधि किसी प्रकार का शोध कार्य कर रहे जातकों के लिए भी अनुकूल रह सकती है। विदेश जाने के प्रयासों में भी सफलता मिलेगी। मान-सम्मान में भी बढ़ोतरी होगी।
PunjabKesari Shani transit

उपाय: किसी ज़रूरतमंद व्यक्ति को शनिवार के दिन सरसों का तेल दान करें। अपनी नाभि पर सरसों का तेल लगाएं और पीपल के पेड़ पर मंगलवार और शनिवार की शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाएं। गरीबों को अनाज, काला कंबल आदि का दान कर सकते हैं। शनिदेव की कृपा हासिल होगी।

गुरमीत बेदी
gurmitbedi@gmail.com

PunjabKesari Shani transit


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Niyati Bhandari

Related News

Recommended News