Saturn transit 2022: मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा शनि का राशि परिवर्तन !

punjabkesari.in Thursday, Jan 27, 2022 - 08:57 AM (IST)

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Shani transit 2022: शनिदेव इस साल यानी साल 2022 में दो बार अपना राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। शनि देव हर अढ़ाई साल के बाद अपनी राशि बदलते हैं और ज्योतिष के राशि चक्र की सभी 12 राशियों के भ्रमण में 30 साल लगाते हैं। एक राशि में अपना सफर पूरा करने के बाद शनि देव को उसी राशि में आने में 30 साल लग जाते हैं।

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शनिदेव 29 अप्रैल 2022 को सुबह 7 बजकर 52 मिनट पर मकर से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। शनि 30 साल बाद अपनी कुम्भ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं और उनके कुंभ में प्रवेश करते ही कर्क और वृश्चिक वालों पर शनि की ढैय्या शुरू हो जायेगी। साथ ही मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी।

29 अप्रैल 2022 को शनि देव कुंभ राशि में आने के बाद सभी 12 राशियों को प्रभावित करेंगे। इस बार विलक्षण संयोग भी बन रहा है कि 29 अप्रैल को मकर राशि से कुंभ राशि में जाने के अढाई महीने बाद 12 जुलाई 2022 को फिर उल्टी गति चलते हुए यानी वक्री अवस्था में शनिदेव फिर से मकर राशि में आ जाएंगे और 17 जनवरी 2023 तक मकर राशि में रहने के बाद फिर से कुंभ राशि में जाएंगे। इस तरह वर्ष 2022 में पहले 29 अप्रैल और फिर 12 जुलाई को शनि के दो बार राशि परिवर्तन से सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस बारे में आपको बताया जाएगा।

हमारे ज्योतिष में और नवग्रहों में शनि देव को एक प्रमुख स्थान हासिल है। इन्हें न्याय का देवता और कर्म का कारक माना गया है। ऐसा माना जाता है कि शनि देव जिस पर प्रसन्न हो जाएं, उसे रंक से राजा बना देते हैं और जिन पर उनकी क्रूर दृष्टि पड़ती है, उस व्यक्ति की मुसीबतें बढ़ जाती हैं। ऐसा भी माना जाता है कि हमारे इसी जीवन में शनि हमारे कर्मों के मुताबिक हमें फल देते हैं।

जन्म कुंडली में शनि की शुभ स्थिति जहां लाभ प्रदान करती है, वहीं अशुभ स्थिति जीवन में दिक्कत, परेशानी और आर्थिक संकटों का कारण भी बनती है। यही कारण है कि शनि देव को हर कोई शांत रखना चाहता है और हर कोई शनि की कृपा पाने को लालायित रहता है।

शनि देव नाराज होने पर धन में कमी लाते हैं, धन हानि कराते हैं। जॉब और बिजनेस में दिक्कतें पैदा करते हैं। यहां तक कि कई बार जॉब से भी व्यक्ति को हाथ धोना पड़ता है। इस दौरान रोग भी घेर लेते हैं, दांपत्य जीवन में भी दिक्कतें आने लगती हैं। व्यक्ति की जमा पूंजी नष्ट हो जाती है। कर्ज बढ़ जाता है।

शनिदेव अपनी साढ़ेसाती, ढैया और अपनी महादशा व अंर्तदशा में व्यक्ति को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं। शनि देव व्यक्ति के कर्मों के आधार पर फल प्रदान करने वाले देवता के रूप में जाने जाते हैं।

वैदिक ज्‍योतिष में शनि को सबसे मंद गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है और यह एक राशि में अढ़ाई साल तक रहते हैं। यही कारण है कि शनि का प्रभाव व्यक्ति अधिक समय तक रहता है।

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29 अप्रैल 2022 को जब शनि देव अपना राशि परिवर्तन करेंगे तो मकर राशि वालों के लिए उनका राशि परिवर्तन कैसा रहेगा ? मकर राशि वाले क्या खोएंगे, क्या पाएंगे ..?  उनके जीवन में क्या अच्छा रहेगा ? कहां दिक्कत रहेगी ? शनि मकर राशि वालों को कैसे फल प्रदान करेंगे और कहां सचेत रहना होगा।

मकर राशि के स्वामी शनि देव खुद हैं और 1 जनवरी से 29 अप्रैल तक शनिदेव का गोचर मकर राशि के पहले भाव यानी लग्न में रहने वाला है। लगन से शनि तीसरे, 7वें और दसवें भाव को देखेंगे। कुंडली का तीसरा भाव भाई का, पराक्रम का, उत्साह का, यश और बदनामी का भाव भी होता है। सातवां भाग दांपत्य जीवन और पार्टनरशिप का भाव भी होता है जबकि 10वां भाव कर्म स्थान है। प्रोफेशन का स्थान है और नौकरी का स्थान है। 1 जनवरी से 29 अप्रैल तक शनि पहले भाव में गोचर करते हुए थोड़ा मानसिक रूप से भ्रम की स्थिति पैदा करेंगे। जोड़ों के दर्द की शिकायत रह सकती है। कठिन परिश्रम करना पड़ेगा। इससे जीवन में अनुशासन आएगा और विद्यार्थी वर्ग अपने लक्ष्य की ओर बड़ी मजबूती से अग्रसर होगा। कई स्रोतों से इनकम हो सकती है।

29 अप्रैल को शनि देव राशि परिवर्तन करेंगे और 12 जुलाई तक कुंभ राशि में रहेंगे यानी आपकी कुंडली के दूसरे भाव में रहेंगे और दूसरे भाव में बैठकर वह चौथे, आठवें और ग्यारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे। चौथा भाव माता और घर-परिवार का भाव है।  आठवां भाव सेहत,  जीवनसाथी से सुख, काम-सुख और आयु का भाव है जबकि 11वां भाव, बड़े भाई बहन और इनकम का भाव है। शनि जब कुंडली के दूसरे भाग में गोचर करेंगे तो आपको थोड़ा सेहत को लेकर सतर्क रहना होगा और दुर्घटना के प्रति भी सजग रहना होगा। दांपत्य जीवन में थोड़ा तनाव हो सकता है परंतु व्यापार में फायदा होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

12 जुलाई के बाद एक बार फिर से शनि आपकी कुंडली के पहले भाव में आ जाएंगे और शनि के इस गोचर के दौरान दांपत्य में मतभेद दूर होंगे। अगर किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं तो राहत मिलेगी। सेहत में सुधार आएगा। जो लोग सिंगल हैं और जीवन साथी की तलाश में हैं, उनकी मुराद पूरी हो सकती है।

उपाय: भगवान शिव की पूजा करें। गरीबों को अनाज, काला कंबल आदि का दान कर सकते हैं । शनिदेव की कृपा हासिल होगी।

गुरमीत बेदी
gurmitbedi@gmail.com

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Content Writer

Niyati Bhandari

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