Saturn transit 2022: वृषभ राशि वालों के लिए कैसा रहेगा शनि का राशि परिवर्तन !

punjabkesari.in Wednesday, Jan 19, 2022 - 04:06 PM (IST)

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Shani transit 2022: Shani transit 2022: शनिदेव इस साल यानी साल 2022 में दो बार अपना राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। शनि देव हर अढ़ाई साल के बाद अपनी राशि बदलते हैं और ज्योतिष के राशि चक्र की सभी 12 राशियों के भ्रमण में 30 साल लगाते हैं। एक राशि में अपना सफर पूरा करने के बाद शनि देव को उसी राशि में आने में 30 साल लग जाते हैं।

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शनिदेव 29 अप्रैल 2022 को सुबह 7 बजकर 52 मिनट पर मकर से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। शनि 30 साल बाद अपनी कुम्भ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं और उनके कुंभ में प्रवेश करते ही कर्क और वृश्चिक वालों पर शनि की ढैय्या शुरू हो जायेगी। साथ ही मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी।

29 अप्रैल 2022 को शनि देव कुंभ राशि में आने के बाद सभी 12 राशियों को प्रभावित करेंगे। इस बार विलक्षण संयोग भी बन रहा है कि 29 अप्रैल को मकर राशि से कुंभ राशि में जाने के अढाई महीने बाद 12 जुलाई 2022 को फिर उल्टी गति चलते हुए यानी वक्री अवस्था में शनिदेव फिर से मकर राशि में आ जाएंगे और 17 जनवरी 2023 तक मकर राशि में रहने के बाद फिर से कुंभ राशि में जाएंगे। इस तरह वर्ष 2022 में पहले 29 अप्रैल और फिर 12 जुलाई को शनि के दो बार राशि परिवर्तन से सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस बारे में आपको बताया जाएगा।

हमारे ज्योतिष में और नवग्रहों में शनि देव को एक प्रमुख स्थान हासिल है। इन्हें न्याय का देवता और कर्म का कारक माना गया है। ऐसा माना जाता है कि शनि देव जिस पर प्रसन्न हो जाएं, उसे रंक से राजा बना देते हैं और जिन पर उनकी क्रूर दृष्टि पड़ती है, उस व्यक्ति की मुसीबतें बढ़ जाती हैं। ऐसा भी माना जाता है कि हमारे इसी जीवन में शनि हमारे कर्मों के मुताबिक हमें फल देते हैं।

जन्म कुंडली में शनि की शुभ स्थिति जहां लाभ प्रदान करती है, वहीं अशुभ स्थिति जीवन में दिक्कत, परेशानी और आर्थिक संकटों का कारण भी बनती है। यही कारण है कि शनि देव को हर कोई शांत रखना चाहता है और हर कोई शनि की कृपा पाने को लालायित रहता है।

शनि देव नाराज होने पर धन में कमी लाते हैं, धन हानि कराते हैं। जॉब और बिजनेस में दिक्कतें पैदा करते हैं। यहां तक कि कई बार जॉब से भी व्यक्ति को हाथ धोना पड़ता है। इस दौरान रोग भी घेर लेते हैं, दांपत्य जीवन में भी दिक्कतें आने लगती है। व्यक्ति की जमा पूंजी नष्ट हो जाती है। कर्ज बढ़ जाता है।

शनिदेव अपनी साढ़ेसाती,  ढैया और अपनी महादशा व अंर्तदशा में व्यक्ति को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं. शनि देव व्यक्ति के कर्मों के आधार पर फल प्रदान करने वाले देवता के रूप में जाने जाते हैं।

वैदिक ज्‍योतिष में शनि को सबसे मंद गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है और यह एक राशि में अढाई साल तक रहते हैं। यही कारण है कि शनि का प्रभाव व्यक्ति अधिक समय तक रहता है।

29 अप्रैल 2022 को जब शनि देव अपना राशि परिवर्तन करेंगे तो वृषभ राशि वालों के लिए उनका राशि परिवर्तन कैसा रहेगा ? वृषभ राशि वाले क्या खोएंगे, क्या पाएंगे ? उनके जीवन में क्या अच्छा रहेगा ? कहां दिक्कत रहेगी ? शनि वृषभ राशि वालों को कैसे फल प्रदान करेंगे और कहां सचेत रहना होगा।

वृषभ राशि वालों के लिए शनिदेव अप्रैल 2022 के अंत में आपके दसवें भाव यानि कर्म भाव में गोचर करेंगे। यह समय आपके पेशेवर जीवन में कुछ अच्छे अवसर ला सकता है, जिसका आपको भरपूर फायदा उठाना चाहिए और आप उठाएंगे भी। 29 अप्रैल 2022 को आपकी राशि के दशम भाव में आने के बाद जुलाई में जब शनि एक बार फिर आपके भाग्य भाव यानि नौवें भाव में गोचर करेंगे तो वह समय कार्यक्षेत्र में आपके लिए कुछ परेशानियां ला सकता है। इस दौरान आपके स्थानांतरण की संभावना भी है।

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कुल मिलाकर शनि देव अपने राशि परिवर्तन और गोचर के दौरान आपको कई बेहतरीन फल भी प्रदान करेंगे। वर्ष 2022 की शुरुआत में वृषभ राशि के जातकों के नौवें भाव यानि भाग्य भाव से शनि गोचर कर रहे हैं। ऐसे में इस अवधि में आपको अपनी मेहनत का फल मिल सकता है। शनि का इस भाव में गोचर आपके लिए काफी फ़ायदेमंद साबित हो सकता है। इस दौरान आपके कार्यों को लोग नज़रअंदाज़ नहीं कर सकेंगे। इसके बाद 29 अप्रैल को शनि देव आपके भाग्य स्थान में रहने के बाद कर्म भाव में आएंगे, जो कि आपके भाग्य की वृद्धि करने का कार्य करेंगे। आपने अभी तक जो मेहनत की है, उसके अब आपको अच्छे परिणाम मिलना शुरू हो जाएंगे। आपके अटके हुए काम बनने लगेंगे। आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा। आपको समाज में खूब यश और मान भी मिलेगा। आप जो मेहनत कर रहे हैं, उसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

शनिदेव का कर्म भाव में गोचर आपके पेशेवर जीवन में कुछ अच्छे अवसर ला सकता है। इसके बाद एक बार फिर शनि आपके भाग्य भाव यानि नौवें भाव में गोचर करेंगे यानी 12 जुलाई 2022 से लेकर 31 दिसंबर 2022 के बीच में वृषभ राशि वालों के लिए शनि का गोचर भाग्य भाव में मकर राशि में रहेगा। जिसके स्वामी शनि देव भाग्य के स्वामी भी हैं और कर्म भाव के स्वामी भी हैं। यहां पर गोचर करते समय जो शनि की दृष्टि है, उसका प्रभाव आपके 11वें भाव, तीसरे भाव और छठे भाव पर भी पड़ेगा। 11वां भाव इनकम और लाभ का स्थान है। तीसरा भाव पराक्रम का स्थान है,  छोटे भाई-बहनों का स्थान है और सामाजिक प्रभाव का स्थान है। जबकि छठा भाव रोग और शत्रु स्थान कहलाता है। 

यह रोग, व्याधि और पीड़ा का स्थान भी है। 29 अप्रैल 2022 से 12 जुलाई 2022 के बीच शनि आपके 10 में भाव में गोचर करेंगे। इस गोचर से शनि की दृष्टि का प्रभाव आपके चौथे और 7वें भाव पर पड़ेगा। चौथा भाव माता व सुख संपत्ति का स्थान कहलाता है। जबकि 7वां भाव मैरिड लाइफ,  जीवनसाथी और पार्टनरशिप का भाव होता है इसलिए शनि की दृष्टि इन भावों को भी प्रभावित करेगी। यह समय कार्यक्षेत्र में आपके लिए कुछ परेशानियां ला सकता है। इस दौरान आपके स्थानांतरण की संभावना है। माता की सेहत का भी ख्याल रखना होगा।

इस दौरान आप सुख-सुविधाओं पर भी खर्च करेंगे लेकिन मैरिड लाइफ में अपने पार्टनर के साथ आपको बात से थोड़ा परहेज रखना होगा अन्यथा संबंधों में थोड़ी तल्खी आ सकती है। इस अवधि में आपके खर्चे बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगे। इस बात को आप को समझना होगा। थोड़े लाभ में भी कमी आ सकती है। अच्छे नतीजे हासिल करने के लिए आपको थोड़ा इंतजार करना होगा।  थोड़ा संयम रखना होगा ।

उपाय:  शनि देव को मजबूत करने के लिए वृषभ राशि वाले मध्यमा उंगली में लोहे का छल्ला पहनें।

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार को गुड़ वाली मीठी पूड़ी सरसों तेल में बनाकर गाय को खिलाएं शुभ फल मिलेगा। इसके अलावा अपने नहाने के पानी में कुछ काले तिल अवश्य डालें। गरीबों को अनाज, काला कंबल आदि का दान कर सकते हैं । कुष्ठ रोगियों की सेवा करें। ऐसा करने पर शनिदेव की कृपा हासिल होगी।

गुरमीत बेदी 
gurmitbedi@gmail.com

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Content Writer

Niyati Bhandari

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