इस सप्ताह कोई सितारा नहीं बदलेगा अपनी राशि, बाजार में बनी रहेगी उठापटक

2019-12-29T09:36:23.507

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
आलोच्य सप्ताह (1 जनवरी से 7 जनवरी तक) के दौरान न तो कोई सितारा अपनी राशि बदलता है और न ही उदय, अस्त पर वक्री मार्गी होता है, किन्तु बुध, शुक्र, वृहस्पति नक्षत्र पर अपनी स्थिति जरूर बदलते हैं। इस तरह ग्रह-योग की अपरिवर्तित स्थिति तथा आकाश व मार्कीट के साथ सम्बद्ध अन्य पहलुओं को स्टडी करने से मालूम देता है कि इस सप्ताह में किसी रुख परिवर्तन की बेशक कोई आशा नहीं है, तो भी बाजार में उठापटक का सिलसिला बना रहेगा।
PunjabKesari
व्यापारियों को ध्यान रहे कि निकट भविष्य में बाजार में काफी 'अप एंड डाऊन होने की आशा है। चूंकि उसका जिक्र इस कालम में मिलता रहेगा, इसलिए इसे रैगुलर पढ़ने वाले लाभान्वित रहेंगे। जहां तक आलोच्य सप्ताह के मार्कीट रुख का संबंध है, ख्याल है कि 26 दिसम्बर को बना रुख ही इस सप्ताह में अपनी पकड़ बनाए रखेगा। इस सप्ताह में 3, 4, 6 जनवरी  खास दिन समझें। तेल सोया, तेल मूंगफली, सरसों, अलसी, तोरिया, तिल, तेल, बिनौला, अरंडी, खल, सींगदाना, मेंथा, पिपरामैंट, अन्य तेल पदार्थों, वनस्पति, सोना, चांदी, हीरे-जवाहरात, बहुमूल्य पत्थरों, बहुमूल्य धातुओं में 26 दिसम्बर वाला रुख मोटे तौर पर बना रहने की आशा है। बीच में 3 जनवरी खुलते बाजार तथा फिर सायं सवा पांंच बजे के बाद तेजी का रिएक्शन आएगा। यदि शनिवार (4 जनवरी) बाजार में काम न होता हो तो फिर 6 जनवरी को मंदी का रिएक्शन आ सकता है। कॉटन, पटसन, रूई, कपास, सन्न, सूत, सिल्क, स्टैपल, ऊनी, सूती, रेशमी कपड़े तथा यार्न इत्यादि में शुरू सप्ताह से जो रुख बना, ख्याल है कि वही रुख आगे चलता जाएगा। बीच में 3 तथा 6 जनवरी हलचल होने की आशा।
PunjabKesari
शेयर मार्कीट में मजबूती रुख बने रहने की आशा तो है, किन्तु शायद मंदी के रिएक्शंस के कारण तेजी रुख टिक न सके—बीच में 3 तारीख मजबूती तथा 6 तारीख मंदी के रिएक्शन वाली हो सकती है। गुड़, खांड, शक्कर तथा अन्य मीठी रसदार वस्तुओं तथा मिश्री इत्यादि में शुरू सप्ताह से यदि तेजी बन गई तो ख्याल है कि आगे तेजी चल पड़ेगी—वैसे 3, 6 जनवरी उठापटक वाले दिन।
PunjabKesari
गेहूं, गवारा, मटर, मक्की, चने, जौ, बाजरा, अरहर, मूंग, माष तथा अन्य अनाज पदार्थों तथा दालों इत्यादि में 26 दिसम्बर को यदि मंदा बना होगा तो फिर इस सप्ताह  में मंदा का काम करें। हाजिर मार्कीट में ग्राहकी तथा लवाल का पलड़ा कुछ भारी रह सकता है, किन्तु फिर भी लवाली शायद टिक न सकेगी, इसलिए संभल-संभाल कर काम करना सही रहेगा।


Lata

Related News