Muni Shri Tarun Sagar: कड़वे प्रवचन... लेकिन सच्चे बोल

punjabkesari.in Wednesday, Oct 27, 2021 - 10:22 AM (IST)

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Muni Shri Tarun Sagar : प्रथम प्रहर में सारी दुनिया जागती है। दूसरे प्रहर में भोगी जागता है। तीसरे प्रहर में चोर जागता है और अंतिम प्रहर में योगी जागता है। जो अंतिम प्रहर में नहीं जागता है उसे धिक्कार है। देर से सोना, देर तक सोए रहना दरिद्रता का कारण है। जल्दी सोना जल्दी उठना अच्छी हैल्थ और वैल्थ के कारण हैं। जो हर रोज उगते सूरज को देखते हैं, उनका पूरा दिन उगा हुआ रहता है। जो सूर्योदय के बाद भी सोए पड़े रहते हैं, उनका भाग्य भी सो जाता है। सच बताना कितने दिनों से आपने उगता सूरज नहीं देखा? याद नहीं न। चलिए। संकल्प करिए कल सूर्योदय से पहले उठेंगे, उगता सूरज देखेंगे और सूरज सा चमकेंगे।

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गायक और वादक में तालमेल होना चाहिए। दोनों में तालमेल होगा तो संगीत में रस आएगा, मन झूम उठेगा। तालमेल नहीं होगा तो संगीत महज शोरगुल बन कर रह जाएगा।

सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए पति-पत्नी में भी तालमेल जरूरी है। दोनों के स्वभाव, विचार और पसंद में सामंजस्य जरूरी है अगर इनमें ‘36’ का आंकड़ा रहा तो घर में महाभारत अवश्यंभावी है। पति-पत्नी का स्वभाव पानी की तरह हो जो हर जगह घुल-मिल जाए। लड़की जब तक कुंवारी है तभी तक वह स्वतंत्र व सुखी है। विवाह होते ही वह आफतों में पड़ जाती है। मां बनने के बाद तो उसका सुख-चैन समझो खो ही जाता है। संसार मकडज़ाल है। इसमें एक बार फंसे कि गए काम से। यह ऐसी दलदल है जिसमें से निकलने की ज्यों-ज्यों कोशिश करें त्यों-त्यों धंसते जाते हैं। इसमें न धंसने का एक ही उपाय है इसमें न फंसना।

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अगर आप अमीर हैं और आपके पास बहुत रुपया-पैसा है तो अपनी सेवा के लिए भले ही नौकर रख लेना लेकिन मां, महात्मा और परमात्मा की सेवा के लिए नौकर नहीं रखना। इनकी सेवा खुद अपने हाथों से करना। कोई भी आदमी मकान या दुकान की सफाई के लिए नौकर रख लेता है लेकिन तिजोरी की चौकीदारी तो खुद ही करता है। मां, महात्मा, परमात्मा भी हमारे जीवन की तिजोरी है इनकी रखवाली हमें खुद ही करनी है।

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Content Writer

Niyati Bhandari

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