Motivational Concept: सूर्यकांत मणि के समान है मानव जीवन

punjabkesari.in Wednesday, Apr 27, 2022 - 10:34 AM (IST)

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एक महात्मा के पास ‘सूर्यकांत मणि’ थी। जब उनका अन्तकाल समीप आया तो मणि उन्होंने अपने पुत्र सौमनस को दे दी और कहा, ‘‘यह कामधेनु के समान मनोवांछित फल प्रदान करने वाली है। इसको संभाल कर रखना। इससे तुम्हारी सब आवश्यकताएं सहज में पूर्ण हो सकेंगी और तुम्हें कभी किसी चीज का अभाव नहीं हो सकेगा।’’

सौमनस ने मणि तो ले ली पर पिता के उपदेशों पर ध्यान नहीं दिया। रात्रि के समय दीपक के स्थान पर वह उसका उपयोग करने लगा। एक दिन उसकी प्रेमिका ने उपहार में वह मणि मांगी और सौमनस ने उसे बिना किसी संकोच के दे दी। प्रेमिका ने कुछ समय बाद एक जौहरी के हाथ मणि को बेच दिया और उस धन से शृंगार की सामग्री खरीद ली। 

जौहरी ने मणि की परीक्षा ली और रासायनिक प्रयोगों द्वारा उसकी सहायता से बहुत-सा सोना बना लिया। इससे वह बड़ा वैभवशाली  बन गया और अपना जीवन राजा-महाराजाओं की तरह व्यतीत करने लगा। अनेक दीन-दुखियों की भी उसने उस स्वर्ण मणि से बहुत सहायता की। 

आनंद ने अपने शिष्य को यह कथा सुनाते हुए कहा, ‘‘वत्स। यह जीवन सूर्यकांत मणि के समान है। इसका सदुपयोग करना कोई-कोई पारखी जौहरी ही जानते हैं, अन्यथा सौमनस और उसकी प्रेमिका की तरह उसे कौड़ी में गंवा देने वाले ही अधिक होते हैं।’’
 


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Content Writer

Jyoti

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