मार्गशीर्ष माह: संध्या काल में कर लेंगे ये काम तो होगा बेड़ा पार

2019-11-17T15:10:51.99

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
जैसे कि सब जानते हैं कि मार्गशीर्ष महा चल रहा है। हिंदू धर्म के अनुसार हर माह अपने आप में खास होता है। परंतु कुछ खास महीने ऐसे हैं जिनका सभी में अधिक महत्व माना जाता है। जिनमें से एक है मार्गशीर्ष का माह। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह में श्री कृष्ण की पूजा का विधान है क्योंकि इस महीने को स्वयं साक्षात श्रीकृष्ण का स्वरूप माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस मास में नदी, तालाब या पवित्र कुंड में स्नान करने के साथ-साथ अन्य कईं कार्य भी करने आवश्यक माने जाते हैं। परंतु बहुत से लोग हैं जिन्हें इन कामों के बारे में नही पता। तो अगर आप भी अभी तक इन कामों से अंजान है जिसे करने से आप पर श्री हरि की कृपा बरस सकती है तो आगे हमारे द्वारा दी गई जानकारी ज़रूर पढ़ें।
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मार्गशीर्ष मास में क्या करें
इस माह में आप ॐ दामोदराय नमः मंत्र का उच्चारण करें। साथ ही अपने गुरु को प्रणाम करें। इससे आपकी प्र​गति में आने वाले अवरोध स्वत: ही खत्म हो जाएंगे।

मार्गशीर्ष मास में  विष्णुसहस्त्र नाम, भगवत गीता और गजेन्द्रमोक्ष का पाठ करना चाहिए। मान्यता है  ऐसा करने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट होते हैं।
इस महीने में शंख की पूजा करना भी लाभदायक माना जाता है। इसलिए इस दौरान पूजा के समय शंख में पवित्र जल भरकर उसे भगवान के चारों ओर घुमाएं फिर उस जल को घर में छिड़का दें। इससे घर में शांति का माहौल है और आपसी मनमुटाव दूर होंगे।

इसके साथ इस महीने में आने वाली पूर्णिमा के दिन चंद्र देव की आराधना ज़रूर करनी चाहिए। ऐसी मान्यता है मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन ही चंद्र देव को औषधीय गुण प्राप्त हुए थे। इसलिए इस दिन को खास माने जाते हैं।

अगर संभव हो तो मार्गशीर्ष मास में यमुना स्नान करें या फिर किसी नदी या सरोवर में स्नान कर लें। स्नान करते समय भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करें। ऐसा करने से श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।  
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प्रति​दिन स्नान के बाद भगवान श्रीकृष्ण की पूजा आराधना करें, संध्या के समय भजन कीर्तन भी विशेष फलदायी होता है।

भगवान विष्णु के मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करना चाहिए। मार्गशीर्ष मास में पूजा के दौरान श्री हरि को तुलसी का पत्र ज़रूर अर्पित करें।


Jyoti

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