यहां जानें किन 4 कारणों से मनाया जाता है होली का त्यौहार

3/14/2019 2:23:51 PM

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भारत में होली का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। लोगों में इस दिन का उत्साह महीनों पहले ही देखने को मिल जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक आज से होलाष्टक की शुरुआत हो चुकी है और कहते हैं इस दौरान कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। रंग और उमंग का पर्व होली फाल्गुन मास की पूर्णिमा यानि 21 मार्च को बड़े ही उत्साह के साथ मनाई जाएगी। होली से ठीक एक रात पहले होलिका दहन किया जाता है। लेकिन क्या किसी को पता है होली मनाने के पीछे शास्त्रों में 4 कारण बताए गए हैं। अगर नहीं तो चलिए आज हम आपको उन कारणों के बारे में बताते हैं। 
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सबसे पहला कारण तो सब जानते ही हैं कि जब भगवान विष्णु ने अपने प्रिय भक्त प्रह्राद की रक्षा के लिए हिरण्यकश्यप की बहन होलिका का वध किया था। प्रह्राद भगवान विष्णु की पूजा में दिन रात लीन रहते थे जिसके चलते हिरण्यकश्यप अपने पुत्र को मारने का कई बार प्रयास कर चुका था, लेकिन बार-बार असफल हो जाता था। तभी उसने अपनी बहन होलिका को बुलाया था और होलिका को वरदान प्राप्त था कि अग्नि उसे छु भी नहीं सकती थी, लेकिन इस प्रयास के बाद हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन खो दी। 
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दूसरा कारण ये माना जाता है कि जब कंस द्वारा भेजी गई पूतना नाम की राक्षसी भगवान कृष्ण को मारने आए थी, तब भगवान ने अपनी माया से उसे राक्षसी जानकर उसका वध करके पूरे ब्रज को भय मुक्त किया था और इसी वजह से ब्रजवासियों ने आपस में रंगों के साथ खेल कर अपनी खुशी को बयान किया था।  
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तीसरा कारण भगवान शिव से जुड़ा माना जाता है। कहते हैं फाल्गुन माह में पड़ने वाली पूर्णिमा को सब शिवगण मिलकर आपस में रंग लगाकर नाचते और गाते हैं।
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चौथा कारण यह माना जाता है कि इतिहास में बादशाह अकबर का जोधाबाई के साथ होली खेलने का वर्णन मिलता है। मुगल काल में इसे ईद-ए-गुलाबी कहा जाता था। तब से ही लोग एक दूसरे के ऊपर रंगों की बौछार करके होली का त्यौहार मनाते आ रहे हैं।
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