Gopashtami 2020: इस शुभ मुहूर्त में करें गौ-माता की पूजा,  सुख-सौभाग्य में होगी वृद्धि

2020-11-22T10:35:14.62

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
आज 22 नवंबर यानि कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को गोपाष्टमी का पर्व मनाया जाता है। सनातन धर्म में अन्य त्यौहारों की तरह इसका भी अधिक महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पर्व को खास रूप से गोकुल, मथुरा, ब्रज और वृंदावन में मनाया जाता है। इस दिन गौ माता, बछड़ों और दूध वाले ग्वालों की पूजा आराधना का महत्व है। ऐसी मान्यताएं प्रचलित हैं कि इस दिन श्रद्धा पूर्वक पूजा पाठ करने से जातक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। ऐसे में बहुत जरूरी होता है कि इनका पूजन शुभ मुहूर्त आदि में किया जाए। तो आइए आपको बताते हैं कि इस तिथि का शुभ मुहूर्त कितनी देर तक रहेगा। साथ ही साथ जानेंगे कि इनके पूजा की विधि-
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गोपाष्टमी 2020 शुभ मुहूर्त:
गोपाष्टमी तिथि प्रारंभ- 21 नवंबर, शनिवार, रात 9 बजकर 48 मिनट से गोपाष्टमी लग जाएगी. लेकिन उदया तिथि 22 नवंबर होने के कारण
गोपाष्टमी तिथि का समापन- 22 नवंबर, रविवार रात 22 बजकर 51 मिनट तक होगा।
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गोपाष्टमी पूजा विधि-
सबसे पहले इस दिन प्रातःकाल उठकर पहले स्वयं स्नान करें, इसके बाद गौ माता को स्वच्छ जल से नहलाएं। 

अब रोली और चंदन से गौ माता का तिलक करें, और उन्हें प्रणाम करें। पुष्य, अक्षत व धूप आदि इन्हें अर्पित करें।

ध्यान रहे इनकी पूजा में फूल व मेहंगी ज़रूर शामिल करें।

पूजा संपन्न करने के बाद ग्वालों को बुलाकर अपनी क्षमता अनुसार उनका पूरा आदर-सम्मान करते हुए दान-दक्षिणा दें, गौमाता को प्रसाद का भोग लगाएं। 
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धार्मिक व पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन गौमाता की परिक्रमा करके, उन्हें कुछ दूर तक टहलाने के लिए लेकर जाने से मनचाहे फल प्राप्त होते हैं। 

तो वहीं उनके चरणों की धूलि को माथे पर लगाने से जातक को सुख-सौभाग्य की वृद्धि होती है। 


Jyoti

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