Gita Jayanti 2019: जीवन की नैय्या को पार लगाएंगे गीता के ये उपदेश

12/7/2019 3:24:00 PM

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
गीता जयंती का पर्व हिंदू धर्म में बहुत खास महत्व रखता है। ये दिन कल यानि 08 दिसंबर दिन रविवार को मनाया जा रहा है और इसी के साथ ही इस दिन मोक्षदा एकादशी का व्रत भी किया जाएगा। कहते हैं कि इस खास दिन द्वापर युग में भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था और जिसे आज जयंती के रूप में मनाया जाता है। श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को जीवन, मरण, मोह और माया के चक्र से मुक्त करने के लिए गीता का उपदेश दिया और जिसे आज के समय में भी याद किया जाता है। कहते हैं कि गीता के उपदेश को कोई व्यक्ति भी अपने जीवन में उतार ले तो उसके जीवन की हर समस्या का हल उसे मिल जाता है। आज हम आपको गीता के कुछ खास उपदेशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके जीवन में सफलता के मार्ग खोल सकते हैं। 
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शरीर नश्वर है। यह अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी और आकाश से बना है। यह एक दिन इसमें ही मिल जाएगा। आत्मा अविनाशी है, वह कभी मरती नहीं है, न ही इसका जन्म होता है और न ही मृत्यु होती है। आप अपने शरीर की सुंदरता पर गर्व न करें, आत्मा से ही आपकी पहचान है।

क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। अपने क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए। इससे भ्रम पैदा होता है, फिर आप अपना विवेक खो देते हैं। विवेकहीन व्यक्ति कोई सही निर्णय नहीं ले सकता है। 

मनुष्य को हमेशा कर्म करना चाहिए। आपके किए गए कर्म ही फल देते हैं। फल की चिंता किए बगैर आप अपना कर्म करें। कर्म के बिना जीवन का कोई आधार नहीं है।
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जो होना है, वह होगा। उस पर आपका नियंत्रण नहीं है। इसके लिए आप चिंता न करें। बीते हुए कल और आने वाले कल की चिंता करना व्य​र्थ है। मनुष्य को हमेशा वर्तमान का आनंद लेना चाहिए।

इच्छाओं का कोई अंत नहीं है, वे असीमित और अनंत हैं। मनुष्यों को अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए। इच्छाएं ही आपकी परेशानियों और समस्याओं का कारण होती हैं।
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ईश्वर सदैव मनुष्य के साथ है। मनुष्य को स्वयं को ईश्वर के प्रति समर्पित कर देना चाहिए। वह सर्वशक्तिमान है, जो मनुष्यों की रक्षा करता है, इसलिए मनुष्यों को सुख, दुख, भय, शोक आदि से मुक्त होना चाहिए।


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