महुआ का पेड़ बना आस्था का केंद्र ,पेड़ को छूते ही बीमारियां हो रही छूमंतर

2019-11-17T12:50:07.207

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
होशंगाबाद:
जहां मेडिकल साइंस ने दुनिया में आज एक अलग पहचान बना ली है तो वहीं आज भी देश के कई हिस्सों में लोग आस्था और अंधविश्वास में जी रहे हैं। आस्था का एक ऐसा ही उदाहरण सामने आया के मध्यप्रदेश के होशंगाबाद का। जहां एक ऐसे डॉक्टर की चर्चा है जो हर शख़्स की जुबान पर झाया हुआ है। इससे पहले आप सोच में पड़ जाएं तो बता दें ये डॉक्टर कोई इंसान नहीं बल्कि एक पेड़ हैं। जी हां, बताया जा रहा है होशंगाबाद जिले के पिपरिया से करीब 15 कि.मी की दूरी पर स्थित ग्राम नयागांव में स्थित महुआ के पेड़ को छूने मात्र से ही बीमारी छूमंतर हो जाती है। गांव की सीमा से सटे एसटीआर वन क्षेत्र में स्थित इस महुआ पेड़ पर इन दिनों प्रतिदिन सुबह शाम हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
PunjabKesari, Dharam, महुआ पेड़, Hoshangabad, Miraculous Mahua Tree, Diseases removed by touching Mahua tree, Dharmik Sthal, Religious place in india, Hindu teerth Sthal
माना जा रहा है कि इस पेड़ के छूते ही मरीजों को तत्काल बीमारी से निजात मिल जाती है। देखते ही देखते यह खबर आसपास के क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। जिसके चलते पिछले कई दिनों में अब यह पेड़ धार्मिक आस्था का केंद्र माना जा रहा है। लोगों का मानना है कि ये एक ऐसा स्थान जहां हर बीमारी और परेशानी का इलाज मिलता है।  

यहां आने वाले लोगों द्वारा बताया जा रहा है कि इस पेड़ के पास जमीन पर हाथ रखकर बैठने से अपने आप ही हाथ पेड़ की ओर खींचने लगते हैं और पेड़ को छूते ही मरीज हर बीमारी व परेशानी से मुक्त हो जाता है। सूत्रों के हवाले से नवरात्रि के दिनों में नयागांव के ही एक व्यक्ति ने गांव के लोगों को इस स्थान के बारे में बताया। देखते ही देखते अब यहां हजारों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
PunjabKesari, Dharam, महुआ पेड़, Hoshangabad, Miraculous Mahua Tree, Diseases removed by touching Mahua tree, Dharmik Sthal, Religious place in india, Hindu teerth Sthal
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जंगल में जहां लोग जाने में भी डरते हैं वहां इस पेड़ के आसपास भारी संख्या में लोग मौज़ूद थे। कुछ महिलाएं व पुरुष पेड़ के आसपास झूमते नाचते भी देखा गया। मानो उनकी शरीरिक समस्या वहां पहुंचकर निकलकर बाहर आ गई हों। पंजाब केसरी के रिपोर्टर के अनुसार गजेन्द्र राजपूत की रिपोर्ट के अनुसार जब पेड़ की चारों ओर इर्द- गिर्द ज़मीन पर रखे हाथों को गौर से देखा तो कुछ लोगों के हाथ अचानक पेड़ की ओर खिसकते हुए दिखाई दिए। यहां के लोगों के कहना है कि इस स्थान पर भगवान भोलेनाथ यानि शंकर जी का वास है जो यहां आकर लोगों के कष्ट दूर कर रहे हैं।
PunjabKesari, Dharam, महुआ पेड़, Hoshangabad, Miraculous Mahua Tree, Diseases removed by touching Mahua tree, Dharmik Sthal, Religious place in india, Hindu teerth Sthal


Jyoti

Related News