December Month Rashifal 2019: खुशियां भरा होगा ये माह, मुसीबतों का होगा सफ़ाया

2019-12-01T15:37:30.177

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
दिसंबर का महीना मार्गशीर्ष और पौष दोनों का मिला-जुला मास होता है। बता दें कि मार्गशीर्ष को अगहन मास के नाम से भी जाना जाता है और ये हिंदू पंचांग में नौवां व पौष दसवां महीना होता है। इस महीने बहुत से व्रत और त्योहार आते हैं, जिनके बारे में कम हो लोग जानते हैं। इस बार तो इस महीने में साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। अगहन मास में भगवान कृष्ण की आराधना करने से व्यक्ति के सारे पाप दूर हो जाते हैं। यहां जानें दिसंबर महीने का अपना राशिफल-

महीने की शुरुआत में ही विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान राम का विवाह माता के साथ हुआ था। भारत के साथ-साथ नेपाल में भी इस पर्व को मनाया जाता है। इसके साथ ही 01 दिसंबर को वृंदावन के श्री बांके बिहारी जी का प्राकट्योत्सव भी मनाया जाएगा। मार्गशीर्ष की षष्ठी तिथि को स्कन्द षष्ठी के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है। कहते हैं कि संतानहीन औरत को इस दिन इनका व्रत जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति की सुनी गोद जल्दी भर जाती है। 

अगहन मास की अष्टमी तिथि को दुर्गाष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। इसके साथ ही नवमी तिथि पर श्री महानंदा नवमी का पर्व है। बता दें कि इस दिन श्री नंदा देवी जी का पूजन किया जाता है। इसके साथ ही पंचक भी खत्म हो जाएगा। 

मार्गशीर्ष की एकादशी तिथि को इस बार मोक्षदा एकादशी का व्रत है और जिसे मौनी व वैकुंठ एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। कहते हैं कि इस दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। कहते हैं जो लोग इस दिन व्रत करते हैं, भगवान उनकी सारी इच्छा को पूर्ण करते हैं। इसके साथ ही इस बार प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ रहा है, इसलिए इस सोम प्रदोष वोरत के नाम से जाना जाता है। प्रदोष व्रत की पूजा शाम के समय की जाती है। इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ माता पार्वती की पूजा भी की जाती है। 

बता दें कि भगवान श्री सत्यनारायण जी का व्रत, श्री गणेश चतुर्थी व्रत, मासिक काल अष्टमी व्रत और सफला एकादशी का व्रत बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। 


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