चाणक्य नीति: फ्री में भी मिले ये खास चीज़ें, बिना संकोच करें ग्रहण

2020-10-20T13:46:54.627

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
अक्सर बड़े-बुजुर्गो को कहते सुना होगा कि ऐसे कईं कार्य होते हैं, जिन्हें करना अच्छा नही माना जाता है। अगर इस कामों के सूची के बारे में बात की जाए, तो इसकी लिस्ट बहुत लंबी हो जाती है। मगर क्या आप जानते हैं कुछ ऐसे भी काम होते हैं जिन्हें करने में किसी व्यक्ति को संकोच नहीं करना चाहिए। जी हां,  कहा जाता है शास्त्रों में ऐसे कई कामों के बारे में वर्णन मिलता है कि जिन्हें करते समय किया संकोच इंसान को असफलता बना सकता है। इससे पहले कि आप सोचने लगे कि वो कौन से काम होते हैं, तो आपको बता दें आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में ऐसे ही किन्हीं कामों के बारे में बताया है जिन्हें करना किसी भी इंसान के लिए लाभदायक  हो सकता है, मगर अगर कोई व्यक्ति इसे करते समय ज़रा सा भी संकोच करता है तो सफल होने में व्यक्ति को कई तरह की परेशानियां का सामना करना पड़ता है। तो चलिए आपको बताते हैं कौन से हैं वो काम जिन्हें करने में किसी भी इंसान को संकोच करना मंहगा पड़ सकता है। 
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गुरु से शिक्षा प्राप्त करने में न करें संकोच-  
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि किसी भी व्यक्ति या विद्यार्थी को कभी भी अपने गुरु से किसी भी प्रकार की शिक्षा लेने में किसी तरह का संकोच नहीं करना चाहिए। इनके अनुसार ज्ञान प्राप्त करने का समय बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, इसलिए जब शिक्षा ग्रहण कर रहे हों तो व्यक्ति को अपने मन में आए हर सवाल का जवाब पूछ लेना चाहिए। चाणक्य के अनुसार अधूरा ज्ञान कभी भी व्यक्ति की जीवन में सफल नहीं बना पाता। बल्कि कहा जाता है फ्री में भी किसी से ज्ञान मिल रहा हो तो उसे भी बिना किसी संकोच ग्रहण कर लेना चाहिए। 

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धन के मामले में न करें संकोच-
चाणक्य नीति के अनुसार कभी किसी व्यक्ति को धन के मामलों में संकोच नहीं करना चााहिए। आचार्य कहते हैं कि बिज़नेस में संकोच करने वाला व्यक्ति कभी बुलंदियों को छू नहीं पाता। बल्कि इसके चलते किन्हीं हालातों में कारोबार घाटे में चला जाता है। इसलिए हिदायत दी जाती है कारोबार को लेकर कभी संकोच नहीं करना चाहिए। इसके अलावा किसी से अपने पैसे लेने में कभी संकोच नहीं करना चाहिए।
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भोजन के समय न करें संकोच-
आचार्य चाणक्य कहते हैं किसी भी भोजन करते समय संकोच नहीं करना चाहिए। हालांकि इसका मतलब ये नहीं होता कि अति से ज्यादा भोजन किया जाए, परंतु कुछ लोग अक्सर कई बार अपनी भूख को मार लेते हैं, ज़रूरत के अनुसार भोजन नहीं करते। ऐसा करना ठीक नहीं होता, क्योंकि भोजन हमें शक्ति प्रदान करता है साथ ही साथ इससे हमारा स्वास्थ्य बेहतर होता है। इसलिए पर्याप्त रूप में ही भोजन करना चाहिए। 
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Jyoti

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