‘मित्र बनाते समय’ और ‘विवाह से पहले’ खुद से पूछें कुछ प्रश्न

2021-07-22T17:54:46.703

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
आज कल के मार्डन जमाने में लोग दोस्त बनाने से पहले सोच-विचार बहुत कम करते हैं। बस दोस्तों की लंबी सूची में अपना नाम सबसे ऊपर लाने के लिए किसी को भी अपना दोस्त बना लेते हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपको बताने वाले हैं कि किसी भी व्यक्ति को दोस्त बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही इसके जरिए आप जान पाएंगे कि विवाह से पहले भी किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

विचार करना कि कहीं हम लड़के की किसी एक एकटिंग या हॉबी से तो उस पर नहीं मर रहे हैं। यदि ऐसा है तो हम गलत निर्णय ले रहे हैं क्योंकि इतना तो तय है कि जिंदगी एकटिंग के सहारे नहीं गुजारी जा सकती।

विचार करना कि कहीं हम उसके ‘सैलरी पैकेज’ और ‘लाइफस्टाइल’ से तो प्यार नहीं कर रहे। यदि ऐसा है तो यह चीज ल बे समय तक तु हें खुश नहीं रख सकती है।

विचार करना कि कहीं हम लड़के की बॉडी फिटनैस, बात करने के स्टाइल, खुशमिजाजी से तो प्यार नहीं कर रहे हैं। यदि ऐसा है तो यह निर्णय भी जल्दबाजी का ही होगा।

विचार करना कि तात्कालिक इन प्रेम भावनाओं में यह प्रेमी मेरी हर एक बात मानने को तैयार है, कहीं यह मुझे फंसाने के लिए झूठ तो नहीं बोल रहा है क्योंकि राजनीति और प्रेम में सब कुछ जायज होता है।

विचार करना कि इसके दोस्त कैसे हैं? इसकी कॉलेज में प्रतिष्ठा कैसी है? इसकी रातें कहां गुजरती हैं?

विचार करना कि ससुराल के लोग हमारा साथ नहीं देंगे तो पति द्वारा परेशान करने पर या छोड़ देने पर मेरे साथ कौन खड़ा होगा? यह सवाल इसलिए अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि हम अपने मायके से संबंध पहले ही तोड़ चुके होंगे।

विचार करना कि लव मैरिज और कोर्ट मैरिज के संबंध कितने सफल होते हैं? कहीं यह जल्दबाजी का निर्णय जीवन भर पछतावा, अवमानना और निराशा तो नहीं देगा।
विचार करना कि दोस्त तु हारे स्वभाव के अनुरूप है या नहीं?

विचार करना कि अपनी एक छोटी-सी कामना की पूर्ति के लिए हम अपने से जुड़े कितने लोगों के दिल में गहरा आघात पहुंचाएंगे?  -मुनि प्रण य सागर
 


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Content Writer

Jyoti

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